ग्रामीणों की समस्याओं का उनके गांवों में समाधान कराने की कोशिशें परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। शासन स्तर से लगातार निर्देश जारी होने के बाद भी जिले के 1740 ग्राम पंचायतों में से 435 में ही अब तक सचिवालय भवनों के निर्माण अथवा मरम्मत के काम पूरे हो पाए हैं। अन्य 1385 गांवों में पंचायत भवनों को ग्राम सचिवालय के रूप में तब्दील करने के लिए निर्माण अथवा मरम्मत के कार्य अब तक पूरे नहीं हुए हैं। इसके चलते ग्रामीणों को अब भी अपने काम के लिए ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन जल्द ही 435 गांवों में ग्राम सचिवालय खोलने की तैयारी भी कर रहा है।
ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए गांवों में स्थित पंचायत भवनों में ग्राम सचिवालय खोलने के लिए शासन स्तर से निर्देश जारी किए गए हैं। उधर, जिले में अब तक एक भी गांव में ग्राम सचिवालय नहीं खोले जा सके हैं। हालांकि जिम्मेदार फिलहाल 435 गांवों में ग्राम सचिवालय खोलने की तैयारी में जुटे हैं। अन्य 1385 ग्राम पंचायतों में सचिवालय खोलने को लेकर फिलहाल कोई तैयारी नहीं चल रही है। ग्राम सचिवालयों में लेखपाल, पंचायत सचिव, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर व बीट के सिपाही मौजूद रहेंगे। जो ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करेंगे। गंभीर समस्याओं को समाधान के लिए आवेदन उच्चाधिकारियों को भेजेंगे। उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराने की कोशिश करेंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार का कहना है कि फिलहाल जिले के 435 ग्रामसभाओं में ग्राम सचिवालय स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। शीघ्र ही इन गांवों में ग्राम सचिवालय स्थापित कर दिए जाएंगे। इसके बाद अन्य 1385 ग्रामसभाओं में भी ग्राम सचिवालय स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ग्राम सचिवालय में रहेगा जन सुविधा केंद्र
जौनपुर। गांवों में खुलने वाले ग्राम सचिवालय में जन सुविधा केंद्र भी होगा। इसके माध्यम से ग्रामीण योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। संबंधित अधिकारी आवेदन पत्रों की जांच कर आवेदकों को योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य करेंगे।