करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में साल 2002 से शुरू हुआ कैफी संचार भवन का निर्माण 22 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इस दौरान 10 कुलपति बदले जा चुके हैं। इसके निर्माण और बजट के संबंध में अब तक 50 से अधिक बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है।इसके बावजूद भवन निर्माण अधूरा है। अब इसका ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय की ओर से संचार भवन को बनवाने का प्रस्ताव पहली बार साल 2002 में भेजा गया। उस समय इसका बजट 1.5 करोड़ रुपये प्रस्तावित था। निर्माण की जिम्मेदारी निर्माण निगम को दी गई। निर्माण निगम की लापरवाही से भवन निर्माण में देरी हुई और 1.5 करोड़ रुपये का बजट खर्च हो गया। भवन के नाम पर ईंट से ढांचा ही तैयार हो सका। दोबारा बजट के लिए पत्राचार हुआ लेकिन बजट नहीं मिल पाया। मौजूदा समय में कैफी संचार भवन की दीवारें जर्जर हो गईं हैं। 2023 में आईआईटी बीएचयू के कुछ इंजीनियरों द्वारा सर्वे करा कर बिल्डिंग के निर्माण की गुणवत्ता देखी गई। इसमें इंजीनियरों ने बताया कि बिल्डिंग के ऊपर दूसरा भवन नहीं बन सकता है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रबंधन अब भवन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहा है।
अभिनेत्री शबाना आजमी ने सांसद निधि से दिया था 50 लाख
संचार भवन के निर्माण के लिए मशहूर अभिनेत्री व तत्कालीन राज्यसभा सांसद शबाना आजमी ने साल 2002 में विश्वविद्यालय में किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची। उन्होंने उस समय पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी छात्र-छात्राओं को संघर्ष करते हुए देखा था। इसके बाद तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर नरेश चंद्र गौतम से बातचीत के बाद उन्होंने अपने पिता के नाम शायर कैफी आजमी के नाम पर संचार भवन बनवाने को कहा। साथ ही अपनी सांसद निधि से विश्वविद्यालय में कैफी संचार भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए भी दिए थे।
भवन बनता तो मिलतीं ढेरों सुविधाएं
कैफी संचार भवन बनता तो इसमें छात्र-छात्राओं को ढेरों सुविधाएं मिलतीं। इस भवन में हाईटेक क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, इलेक्ट्रानिक मीडिया के छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर स्टूडियो, रंग मंच के बच्चों के लिए स्टेज, कान्फ्रेंस हॉल, सेमिनार हॉल आदि बनना था। छात्र-छात्राओं को दिल्ली या अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ता।
बिल्डिंग जर्जर हो गई है। इसलिए इसे गिराया जा रहा है। भवन को दोबारा बनवाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। - प्रो. वंदना सिंह, कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर