लेकिन शनिवार को रानू सिंह की तरफ से हलफनामा पेश कर दिया गया। इसके बाद शिकायत पत्र को संज्ञान में लेते हुए रिटर्निंग आफिसर ने धनजंय सिंह को पत्र भेजा है। उन्हें 21 फरवरी सोमवार को पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
वहीं, रानू सिंह के नाम से लिखे गए इस पत्र में बताया गया था कि मेरे पति अजीत सिंह की लखनऊ में हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में धनंजय सिंह लखनऊ के विभूति खंड थाने में विभिन्न धाराओं में वांछित है। इसके खिलाफ लखनऊ की कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
इसमें धारा 82 की कार्रवाई भी हो चुकी है। रानू सिंह ने कहा कि धनंजय 25 हजार का इनामी भी है। इस मामले में धनंजय के पक्ष में किसी भी कोर्ट ने अभी तक जमानत या स्टे आदेश नहीं दिया है। रानू ने हलफनामे के साथ दिए गए पत्र में लिखा कि जो अभी तक भगोड़ा घोषित है, उसे कानूनन और संवैधानिक रूप से चुनाव लड़ने का हक नहीं है। धनंजय ने अपने शपथपत्र में झूठी जानकारियां दी हैं। उसका नामांकन रद् किया जाए और उसके खिलाफ कार्यवाही की जाए।