2020 में पारसनाथ यादव के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनके बेटे लकी यादव को सपा ने प्रत्याशी बनाया था। प्रदेश में एक साथ हुए सात उपचुनावों में सपा को केवल इसी सीट पर सफलता मिली थी। लकी ने बाहुबली नेता पूर्व सांसद धनंजय सिंह को हराकर अपने पिता की विरासत को बरकरार रखा था।
जौनपुर में मुलायम की रैली से सपा कई समीकरणों को साधने की कोशिश में है। जौनपुर के एक तरफ अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ है और दूसरी तरफ पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी। यहां पर रैली से तीनों जिलों की करीब दो दर्जन सीटों पर प्रभाव की उम्मीद है। पीएम मोदी भी आज वाराणसी में रोड शो करने जा रहे हैं।
मल्हनी विधानसभा सीट पर इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। इस सीट पर दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। जेडीयू से पूर्व सांसद धनंजय सिंह इस चुनाव को जीतने के लिए हर तरह की चुनौतियों का सामना करने को तैयार हो गए हैं। साल 2012 में नवसृजित इस सीट से अजेय सपा ने भी अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए सिटिंग विधायक लकी यादव को मैदान में उतारा है।
वहीं, भाजपा ने पूर्व सांसद केपी सिंह और बसपा ने शैलेंद्र यादव को चुनावी रण में उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है, जिसके चलते सियासी गणित किस करवट बैठेगी को लेकर हर कोई समझ नहीं पा रहा है। बड़े-बड़े दिग्गजों के बीच आठ और प्रत्याशी भी दिग्गजों के सियासी समीकरण को बिगाड़ने के लिए मतदाताओं से संपर्क करने लगे हैं।
जौनपुर के नौ विधानसभा सीटों पर सात मार्च को मतदान होगा। इसे लेकर सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं, प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी सभा करने के लिए सभी दलों के बड़े-बड़े नेता आ रहे हैं। शुक्रवार को मुलायम सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के सीएम अशोक गहलौत, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सभा को संबोधित करेंगे।
वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा पांच मार्च को शहर में रोड शो करेंगी। पल्लवी पटेल, स्वामी प्रसाद मौर्य और संजय चौहान सितमसराय में सभा करेंगे। भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन सभाएं करेंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिहं मल्हनी विधानसभा क्षेत्र के जूनियर हाईस्कूल कुद्दूपुर चुनावी सभा करेंगे। कांग्रेस की तरफ से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत सदर विधानसभा क्षेत्र के पदुमपुर में सभा को संबोधित करेंगे।
एसपी सिंह बघेल, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय मंत्री एसपी बघेल ने गुरुवार को जौनपुर के टीडी कॉलेज में सभा के दौरान सपा और अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मेरे खिलाफ अखिलेश यादव को प्रचार करने के लिए जवानी में ही अपने बुढ़ापा पिता (मुलामय सिंह यादव) का सहारा लेना पड़ा। करहल सीट पर अपने प्रचार के लिए लाना पड़ा।
मैंने उन्हें नामांकन के बाद ही निश्चत कर लिया था कि सात दिन में बुलाकर रहूंगा और वे 6वें दिन ही क्षेत्र में आने को मजबूर हुए। उनकी पत्नी डिंपल यादव भी अपने पति के जीत के लिए लोगों को पैर छूने को मजबूर हुई। उन्होंने कहा कि जंगल राज और गुंडा न आए, इसके लिए सभी भाजपा के साथ हो जाइये। यदि लखनऊ कमजोर हुई तो बुलडोजर बाबा बाबा कमजोर हो जाएंगे। लंबे समय बाद हमें एक ईमानदार मुख्यमंत्री मिला है, जो प्रदेश को विकास के पथ पर लेकर चल रहा है।