जौनपुर। केंद्रीय ट्रेड यूनियन एवं क्षेत्रीय संघों की ओर से घोषित राष्ट्रव्यापी हड़ताल दूसरे दिन मंगलवार को भी रही। इस दौरान कर्मचारी विरोधी नीतियों और लंबित मांगों के प्रति सरकार की उदासीनता के विरोध में विभिन्न विभाग के कर्मियों ने प्रदर्शन किया। एलडीएम अनिल सिन्हा ने बताया कि दो दिनों की हड़ताल से दो सौ करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं, प्रदर्शन के चलते कई एटीएम कैशलेश हो गए हैं।
भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इस कारण मंगलवार को दूसरे दिन भी बैंकों की शाखाओं के ताले नहीं खुले। यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन के सचिव आरपी सिंह के नेतृत्व में बैंक कर्मियों ने निजीकरण, पेंशन बढ़ोतरी, पुरानी पेंशन बहाली और पांच दिवसीय बैंकिग कार्य सहित अन्य प्रमुख मांगों को लेकर पीएनबी की मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियंस (एआइसीसीटीयू) समेत तमाम अन्य संगठन के कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। एआइसीसीटीयू की प्रमुख मांगों में बिजली संशोधन बिल रद किया जाना, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्थायी घोषित करना, मनरेगा श्रमिकों को पांच सौ रुपये दैनिक मजदूरी समेत अन्य शामिल है। कामरेड रेनू सिंह, गौरव सिंह और राजनाथ यादव समेत अन्य शामिल रहे। हड़ताल के क्रम में डाकघर, एलआईसी और बीएसएनएल कर्मचारियों ने भी धरना-प्रदर्शन किया।