जौनपुर। बदलापुर की तियरा ग्राम पंचायत जिले का पहला प्लास्टिक मुक्त गांव बनेगा, इससे ग्राम पंचायत की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। यहां पर प्लास्टिक बेस्ट मैनेजमेंट(प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट) स्थापित किया जाएगा। इसके निर्माण लिए पंचायती राज विभाग ने 16 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों को मॉडल बनाकर उनमें ठोस अपशिष्ट, तरल अपशिष्ट एवं मलीय कचरा प्रबंधन जैसे कार्य कराए जाएंगे।
जनपद में सबसे पहले विकास खंड बदलापुर के तियरा गांव में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट की स्थापना की जा रही है। 16 लाख रुपये की लागत से यूनिट तैयार किया जाएगा। जिसमें आठ लाख रुपये लागत से भवन का निर्माण किया जाएगा, बाकी धनराशि से मशीनें खरीदी जाएगी। इस योजना में ग्रामीण इलाकों में एक रूट चार्ट तैयार कर वाहनों से प्लास्टिक के कचरे को यूनिट तक लाया जाएगा। इस प्लास्टिक को रिसाइकिल कर पुन: प्रयोग किया जाएगा। प्लास्टिक से न केवल शहर में नालियां बंद हो जाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों की उर्वरक क्षमता इससे कम हो जाती है। यही वजह है कि सरकार भी अब इस पर गंभीर हो गई है। मार्च के लास्ट सप्ताह तक यूनिट की स्थापना कर दी जाएगी।
कचरा प्रबंधन के तहत अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई से पृथक हुए प्लास्टिक के बोतल पॉलीथिन, चिप्स, नमकीन आदि के रैपर को इकट्ठा कर यूनिट में लाया जाएगा। यहां इसका निस्तारण किया जाएगा। इसके तहत प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़ों को काटकर बेंच दिया जाएगा, जिससे ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 1500 वर्ग मीटर में यूनिट की स्थापना की जा रही है।
बदलापुर के तियरा ग्राम पंचायत में जिले का पहला प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके निर्माण लिए शासन से 16 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। मार्च के अंतिम सप्ताह तक सभी कार्य पूर्ण कर मशीनें लगा दी जाएगी।
-नत्थू लाल, जिला पंचायत राज अधिकारी।