जौनपुर। ग्राम पंचायतों के पदों पर दोवेदारी ठोकने की तैयारी कर चुके दावेदारों सहित ग्रामीणों की निगाहें इस समय आरक्षण पर जमी हुई है। आरक्षण के नियमों में उलटफेर के कारण उनकी गतिविधियां भी सीमित हो गई है। वह अभी पदों के आरक्षण की बाट जोह रहे हैं। इसके बाद ही चुनावी घमासान के जोर पकड़ने की उम्मीद है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी जिले में शुरू है। जिला प्रशासन ने चुनाव में ड्यूटी लगाने के लिए कर्मचारियों का ब्योरा ऑनलाइन फीडिंग कर लिया है। बूथों की संख्या बढ़ाने से लेकर उन पर समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है, ताकि अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव को सकुशल संपन्न कराया जा सके। उधर, दावेदार भी अपनी दावेदारी मजबूत करने की तैयारी में जुटे हैं।
कुछ माह पहले तक उनका प्रचार जोर-शोर से शुरू था, लेकिन आरक्षण में चक्रिय क्रम लागू करने और इसमें भी अब तक अनारक्षित रही सीटों को पहली वरीयता देने के मानक के बाद कइयों की हवाइयां उड़ी हुई है। उन्हें चिंता है कि अगर उनके पद का आरक्षण दूसरे वर्ग के लिए हो गया तो उन्हें चुनाव मैदान से बाहर होना होगा। जिले में 1740 ग्राम प्रधान के पद हैं, जबकि ग्राम पंचायत सदस्य के 21544 पद और बीडीसी के 2027 पद हैं। इन पदों के आरक्षण का कार्य इस समय तेजी से चल रहा है, जिस दावेदार ही नहीं ग्रामीण भी निगाह जमाए हुए हैं।