केराकत कोतवाली क्षेत्र के टड़वा घाट स्थित रामजानकी मठ की भूमि पर बने अवैध अंत्येष्टि स्थल को बृहस्पतिवार को प्रशासन ने जेसीबी से गिरवाया दिया। वहीं अंत्येष्टि स्थल को बनाने में खर्च की धनराशि की रिकवरी पूर्व प्रधान से करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
राम जानकी मठ की भूमि पर वर्ष 2019-20 में 24 लाख 36 हजार की लागत से अंत्येष्टि स्थल, शान्ति स्थल, शौचालय व आफिस का निर्माण किया गया था। आरोप है कि निर्माण के समय मठ के पुजारी महंथ राकेश दास अपने गुरु बाबा निर्मल दास का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उपचार कराने के लिए मुंबई गए थे। जब वे वापस आए तो मठ की भूमि पर अंत्येष्टि स्थल, शान्ति स्थल व शौचालय आदि का निर्माण हो चुका था। उन्होंने जिलाधिकारी व तहसील प्रशासन से तत्काल इन सभी निर्माण को तत्काल ध्वस्त कराने की मांग की, किन्तु प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इसपर उन्होंने हिन्दू युवा वाहिनी के पदाधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई। दो सितंबर को हिन्दू युवा वाहिनी के जिला संयोजक त्रयम्बकेश्वरनाथ सिंह व जिलाध्यक्ष दूबे के नेतृत्व में सैकड़ों हिंयुवा कार्यकर्ताओं ने मठ पर पहुंचकर इन निर्माणों के तत्काल ध्वस्तीकरण करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। जिसपर तहसीलदार राम सुधार व बीडीओ छोटेलाल तिवारी ने उन्हें हटवाने का आश्वासन देकर धरना प्रदर्शन समाप्त करवाया था। जिसके बाद डीएम के आदेश पर बीडीओ केराकत छोटेलाल तिवारी ने बृहस्पतिवार को सचिव ओम प्रकाश सरोज को मौके पर भेजकर जेसीबी से सभी निर्माण ध्वस्त करा दिया । मठ के पुजारी बाबा राकेश दास ने बताया कि अगर मठ स्थल पर बाबा पयहारी दास के समाधि स्थल के पास बनी नाली को नहीं हटाया नहीं गया तो हम शीघ्र ही जल त्याग करने के साथ बेमियादी अनशन करने पर मजबूर होंगे। बीडीओ केराकत छोटेलाल तिवारी का कहना है कि मठ की जमीन पर अवैध रूप से नव निर्मित अंत्येष्टि स्थल सहित बनवाए गए सभी निर्माण का ध्वस्तीकरण करा दिया गया है। साथ ही इसके सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर निर्वतमान प्रधान रानी यादव से धन की रिकवरी कराने की तैयारी की जा रही है। मठ से थोड़ी दूर हटकर नये अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कार्य शुरु कर दिया गया है।