फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रमजीवी विस्फोट कांड: दोषियों को मौत की सजा मिलने के बाद खुश हुए पीड़ित परिजन, बोले-'आज कलेजे को ठंडक मिली'

Thu, 04 Jan 2024 01:02 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर

सार

श्रमजीवी विस्फोट कांड के दोषियों को मौत की सजा मिलने के बाद पीड़ित परिजनों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा- अदालत का हृदय से धन्यवाद देता हूं। जिसकी जैसी करनी थी, उसको वैसी सजा मिली है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन आज तक नौकरी नहीं मिल पाई।
विज्ञापन
श्रमजीवी विस्फोट कांड - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

श्रमजीवी विस्फोट कांड के दोषियों को मौत की सजा मिलने के बाद पीड़ित परिजनों ने खुशी जताई। सबने कहा कि इंतजार लंबा चला, लेकिन उचित न्याय मिला है। दिल को सुकून मिला है।

विज्ञापन


अदालत का हृदय से धन्यवाद देता हूं। जिसकी जैसी करनी थी, उसको वैसी सजा मिली है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन आज तक नौकरी नहीं मिल पाई। -सूर्यनाथ चौबे, मृतक अमरनाथ चौबे के बडे़ भाई और जौनपुर निवासी।

आतंकियों को उनके कृत्य की सजा मिल गई। जो जख्म आतंकियों ने दिया, वह कभी नहीं भर सकता है। -मदन सेठ घायल शिवम सेठ के पिता।

बांग्लादेश के राजशाही में डा.सईद व याहियों की देखरेख में भारत में ट्रेन में विस्फोट की मीटिंग के बाद आतंकी संगठन हूजी के हिलाल, रोनी, शरीफ उर्फ कंचन व लश्कर-ए-तैयबा के ओबैदुर्रहमान व याहिया बांग्लादेश से बिना वीजा पासपोर्ट पदमा नदी पार कर भारत की सीमा में बंगाल में घुसे। वहां नफीकुल विश्वास उनके साथ शामिल हो गया। सभी पटना के खुसरूपुर रेलवे स्टेशन के समीप ट्यूबवेल पर इकट्ठा हुए। आतंकियों ने खुसरूपुर के मियां टोला के हकीम मियां से विस्फोट सामग्री व अटैची ली। खुसरूपुर के प्लेटफार्म नंबर एक के उत्तर में ट्यूबवेल के पास याहिया व ओबैदुर्रहमान ने बम बनाया। हिलाल व रोनी ने पटना के प्लेटफार्म नंबर तीन पर चेकिंग के बाद श्रमजीवी ट्रेन में जनरल बोगी में सीट के नीचे अटैची में बम रखकर सीट से बांधा था, जिसके बाद बम विस्फोट हुआ। ओबैदुर्रहमान व याहिया पटना में बम रखवाने के बाद बांग्लादेश चले गए थे। वहां भी हुए बम ब्लास्ट के मामले में ओबैदुर्रहमान को पुलिस खोज रही थी। इसके बाद वह भारत आया और रघुनाथगंज में फारेनर्स एक्ट में गिरफ्तार हुआ।
विज्ञापन


श्रमजीवी विस्फोट कांड: इनकी हुई थी मौत
श्रमजीवी विस्फोट कांड में मृतक सैफ फैसल, कुणाल, सुधीर कुमार , विनोद रविदास, प्रमिला देवी, सुभाष ठाकुर, कमालुद्दीन, कुमारी कविता, अरविंद सिंह, सुबोध बढ़ई, संतोष, दिगंबर चौधरी, सफीक उर्फ डब्लू बिहार व अन्य जगहों के थे। इसमें एक मृतक अमरनाथ चौबे मियांपुर के निवासी थे।
यह हुए थे गंभीर रूप से घायल
मोहम्मद इब्राहिम, विस्सू सेठ, मोहम्मद बदरुद्दीन, मनोज कुमार, संतोष कुमार महतो, कृष्णा महतो, राम बालक, रविंदर, शीला, दिनेश महतो, राजेश जायसवाल, गोरखनाथ, शिवम, मदन, मोनू गुप्ता पता अज्ञात घायल थे।
छह घायल जौनपुर के थे: मदनलाल सेठ पुत्र रामजी सेठ मोहल्ला दिलाजाक बदलापुर पड़ाव कोतवाली जौनपुर, गोरखनाथ निषाद पुत्र रामदुलारे मोहल्ला शेखपुर थाना लाइन बाजार जौनपुर, शिवम गुप्ता, विष्णु सोनी, मोनू गुप्ता पुत्र मदन सेठ बदलापुर पड़ाव अबीरगढ़ टोला जौनपुर, राजेश जायसवाल है।

इस तरह लगाया गया था पता :-
हिलाल व नफीकुल का नाम विस्फोटकांड में बंगाल जेल में बंद आरोपित ओबैदुर्रहमान ने 15 फरवरी 2006 को और बांग्लादेशी जुड़वा भाई अनीसुल व मुहीबुल ने चार अप्रैल 2006 को विवेचक को बताया था। हिलाल व नफीकुल 17 नवंबर 2005 को थाना कालिया चौक मालदा टाउन पुलिस द्वारा हत्या, हत्या के प्रयास के दूसरे मामले में गिरफ्तार किए गए। 23 मार्च 2006 को वारंट बी के जरिए उन्हें सीजेएम कोर्ट में लाकर पेश किया गया। जब विवेचक द्वारा दोनों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर बिहार ले जाया गया तो उन्होंने खुसरूपुर रेलवे स्टेशन के समीप मियां टोली का तीन मंजिला मकान जहां विस्फोटक पदार्थ लाए गए थे। होटल पैलेस दिखाया जहां रजिस्टर में नफीकुल के ठहरने का जिक्र है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें