मछलीशहर। माघ मास में पड़ने वाला शक्ति की उपासना का पर्व गुप्त नवरात्र 25 जनवरी से आरंभ हो रहा है। इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इसमें साधक देवी की उपासना कर मनवांछित फल प्राप्त करते हैं।
माघ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी पर्यंत की तिथि गुप्त नवरात्र के नाम से जानी जाती है। इस नवरात्र में देवी भगवती दुर्गा का पूजन, वंदन और अनुष्ठान कर उनकी कृपा प्राप्त की जाती है। ज्योतिषाचार्य डॉ.शैलेश बताते हैं कि इस वर्ष यह पर्व 25 जनवरी शनिवार श्रवण नक्षत्र, सर्वार्थसिद्ध योग के साथ मिल रहा है, जो 04 फरवरी तक चलेगा। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 25 जनवरी को सुबह 09.49 से 10.47 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.12 से दोपहर 12.55 तक का है। शनिवार को दुर्गा देवी के पूजन को शास्त्रों में विशेष फलदायी बताया गया है। इस बार गुप्त नवरात्र का शुभारंभ भी शनिवार से हो रहा है। पं.मुरारीश्याम पांडेय कहते हैं कि जिन्हे जीवन में धन, मान, सुख, संपत्ति, वैभव और सांसारिक सुखों को पाना हैं, उन्हें नवरात्र में देवी के सिद्ध दिनों में साधना जरूर करना चाहिए। गृहस्थ साधक इन नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। समय का अभाव हो तो दुर्गा सप्तश्लोकी का प्रतिदिन पाठ करना चाहिए।