अब सड़कें जल्दी नहीं खराब होंगी और न ही लोगों को आवागमन में दिक्कत होगी। जिले में आधुनिक टेक्नोलॉजी एफडीआर तकनीक से सड़कों को बनाने की कवायद शुरू की गई है, इस तकनीक से सड़कें 20 साल तक खराब नहीं होंगी। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत जिले में 11 सड़कों को इस तकनीक से बनाने के लिए आरईडी ने चयन कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद सड़कों को बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
सड़कें बनाई जाती हैं, लेकिन तीन साल बीतते-बीतते सड़कों के खराब होने का सिलसिला शुरू हो जाता है। पांच साल तक सड़कें इतना क्षतिग्रस्त हो जाती हैं कि उस पर चलने लायक नहीं रहता था, सड़कों पर मौजूद बड़े-बड़े गड्ढे और बिखरी गिट्टियों पर गिरकर लोग आए दिन घायल होते रहते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सड़कें 20 साल तक खराब न हो, इसके लिए सरकार ने आधुनिक टेक्नोलॉजी से सड़कों को बनाने की कवायद शुरू की गई है, इसके लिए फूल, डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक विकसीत की गई है, जिससे सड़कों को बनाया जाएगा। इस तकनीक से जो सड़कें बनाई जाएंगी। उनके 20 साल तक खराब नहीं होने का दावा किया जा रहा है। जिले में भी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने इस तकनीकि से सड़कों को बनाए जाने के लिए 11 सड़कों का चयन किया है, जिसका प्रस्ताव चालू माह में निदेशालय भेज दिया है। शासन से प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद इन सड़कों को बनया जाएगा।
इन सड़कों का भेजा गया है प्रस्ताव
जौनपुर। जिले में जिन सड़कों को एफडीआर तकनीक से बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें बनुआडीह से जौकाबाद, एलडी रोड 239 से खेमापुर, लोनिया पट्टी से पट्टी नरेंद्रपुर, बाबतपुर जमालपुर रोड से चकांतू, एलडी रोड 256 से केराकत सेवा रजवाहा, जोगीबांध से अतरडीहां, जमुनीपुर से बनकट, जोगीबांध अतरडीहा से अर्गुपुरकलां, एलएम रोड कसनही से जमुआं, बारीगांव से जरौना, पौआ से नौपेड़वा, बदलापुर जमालापुर रोड से मौदापार, निगोह से कूसा हैं।
एफडीआर तकनीक से सड़कों को बनाने पर 20 साल तक खराब नहीं होंगी। इस तकनीक से जिले की 11 सड़कों को पहले बनाया जाएगा, जिसका चयन कर निदेशालय प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद सड़कों को बनाने का कार्य किया जाएगा।
- डीके शुक्ला, एक्सईएन, आरईडी