उपजिलाधिकारी कार्यालय में तैनात पेशकार ज्ञानचंद मौर्य का आरोप है कि उनके साथ तहसील के कुछ अधिवक्ताओं ने दुर्व्यवहार करते हुए मारपीट किया। उन्होंने इसकी शिकायत तहसील कर्मचारी संघ सहित लेखपाल संघ से की। मामले की जानकारी होने पर राजस्वकर्मी एकजुट होकर एसडीएम न्यायालय के सामने बरामदे में कार्यालयों का ताला बंद कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और नारेबाजी भी किए। आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं।
ज्ञानचंद मौर्य का आरोप है कि उनके कार्यालय में एक अधिवक्ता आकर कुछ अपनी समस्या को व्यक्त कर रहे थे। उसी दौरान दूसरे अधिवक्ता सहित उनके कुछ साथी मौके पर आए और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। जब ज्ञानचंद मौर्य ने इस पर आपत्ति जताई तो उनसे गाली-गलौज करते हुए अधिवक्ता ने मारा पीटा और सरकारी अभिलेखों को भी फाड़ दिया। इसी बात को लेकर राजस्व कर्मी लामबंद होते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी नहीं होती तब तक हम लोगों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से सूरज श्रीवास्तव, अब्दुल रहीम, राजेंद्र प्रसाद सिंह, भानु प्रताप विश्वकर्मा, विनय कुमार तिवारी, मोहम्मद इकराम आदि मौजूद रहे।