अपर सत्र न्यायाधीश रजनेश कुमार ने सुरेरी थाना क्षेत्र वादी की नाबालिग पुत्री का 23 साल पहले अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के अभियुक्त उदय प्रताप को 7 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 14 हजार का अर्थदंड लगाया।
घटना की प्राथमिकी पीड़िता के पिता ने एक जुलाई 1998 को दर्ज कराया था। वादी अभियोजन कथानक के अनुसार 30 जून 1998 को वादी की 15 वर्षीय बेटी शौच के लिए घर से बाहर जा रही थी। गांव के ही आरोपी उदय प्रताप उर्फ लाली तथा राम शिरोमणि ने जान से मारने की धमकी देते हुए स्कूटर पर बैठा कर उसका अपहरण कर ले गए। इसके बाद उसे ले जाकर एक बंद कमरे में रखे और चाकू दिखाकर जान से मार डालने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के सातवें दिन उदय प्रताप के कब्जे से पुलिस ने वादी की नाबालिग पुत्री को बरामद किया। मेडिकल कराकर मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हुआ। पुलिस ने कोर्ट में केस डायरी दाखिल की एडीजीसी संजय श्रीवास्तव व राजेश श्रीवास्तव ने गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपित उदय प्रताप को दोषी पाते हुए सजा सुनाया। दूसरे आरोपी राम शिरोमणि को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।