पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच जिले के जनप्रतिनिधियों की एक साथ लखनऊ में सीएम से मुलाकात ने नई सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। इस मुलाकात को ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों ने चुनाव में अपने चहेते नाम को ही प्रत्याशी बनाने का सुझाव दिया है। हालांकि सीएम ने इस पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी।
83 सदस्यों वाले जिला पंचायत में भाजपा के दस सदस्य हैं। सत्ताधारी दल इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में खुलकर प्रतिभाग करने की तैयारी में है। पार्टी नेतृत्व जीत के लिए भी एड़ी-चोटी का जोर लगाए है, मगर सदस्यों की कम संख्या उनके लिए चिंता का सबब है। ऐसे हाल में जिताऊ और चुनावी मैदान में टिकाऊ उम्मीदवार की तलाश लगातार चल रही है। पार्टी के जनप्रतिनिधियों में भी नामों पर गतिरोध बना हुआ है। वह किसी एक नाम पर सहमत नहीं है। एक माह के अंदर चुनाव की संभावनाओं के बीच सभी अपने चहेते को टिकट दिलाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को एक साथ भाजपा के जनप्रतिनिधियों की एक साथ मुलाकात के बाद चर्चाएं तेज हो गईं। सीएम से मिलने वालों में राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, मछलीशहर सांसद बीपी सरोज, जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव, विधायक रमेश चंद्र मिश्र, हरेंद्र प्रसाद सिंह, दिनेश चौधरी शामिल रहे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सभी ने एक खास नाम वाले व्यक्ति को प्रत्याशी बनाने की मांग की। ब्लाकों प्रमुख पद के लिए भी कुछ नाम सुझाए।