जौनपुर। अस्थाई जेल में बंदियों ने पिछले तीन महीने में प्रसाद इंजीनियरिंग कॉलेज का लाखों का नुकसान कर डाला। कॉलेज प्रशासन का आरोप है कि अस्थाई जेल बनने के बाद 15 लैपटॉप चोरी हो गए और कई तोड़ दिए गए। प्रोजेक्टर को भी उखाड़ने की कोशिश की गई। डेस्क, बेंच, फर्श की टाइल्स, खिड़की और दरवाजों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कॉलेज से अस्थाई जेल समाप्त करने की गुहार लगाई है।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने पचहटिया के पास स्थित प्रसाद इंजीनियरिंग कालेज में अस्थाई जेल बना दिया गया है। नए बंदियों को यहां क्वारंटीन में रखा जाता है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जिला प्रशासन ने तीन महीने पहले महज 15 दिन के लिए कॉलेज लिया था। तीन महीने बाद भी कॉलेज से अस्थाई जेल नहीं हटाई गई। रजिस्ट्रार माधवी ने बताया कि छुट्टी के दिनों में ही कॉलेज की रंगाई, डेस्क-बेंच की मरम्मत आदि काम कराए जाते हैं। इस साल ऐसी तैयारी के लिए मौका नहीं मिला। कॉलेज के संसाधनों का भी लगातार नुकसान हो रहा है। 19 जून की रात में खिड़की तोड़कर दो बंदी भी यहां से फरार हो गए थे। अब तक लाखों का नुकसान हो चुका है। प्रवेश के लिए भी नए छात्र कॉलेज नहीं आ रहे हैं। इसकी शिकायत डीएम से भी की गई है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए नए बंदियों को अभी अस्थाई जेल में ही रखा जा रहा है। मौजूदा समय में 135 बंदी अस्थाई जेल में रखे गए हैं। वहां क्वारंटीन का समय पूरा होने पर बंदियों को जिला कारागार में शिफ्ट कर दिया जाता है।
-राजकुमार, जेलर जौनपुर।