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बीस साल में ही खड़ा कर लिया करोड़ों का साम्राज्य

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जौनपुर। मुख्तार अंसारी के संरक्षण में मछली के अवैध कारोबार के आरोप में गिरफ्तार रवींद्र निषाद करीब 20 वर्ष पहले तक मछली की फुटकर दुकान चलाता था। माफिया के संपर्क में आने के बाद उसने तेजी से तरक्की की। करोड़ों की चल-अचल संपत्ति बनाई है। पुलिस अब उसकी आय के स्रोत का पता लगा रही है। पुलिस ने नगर पालिका, बैंक, तहसील और एआरटीओ कार्यालय को पत्र भेजकर रवींद्र की संपत्ति का ब्योरा मांगा है।
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पुलिस का दावा है कि रवींद्र पहले मछली का विक्रेता था। गांवों में किराए पर तालाब लेकर मछली पालन करता था। विधायक मुख्तार अंसारी के संपर्क में आने के बाद उसका कारोबार अचानक बढ़ गया और उसने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली। शहर में उसके मकान और प्लाट का विवरण पुलिस ने नगर पालिका से मांगा है। उसके बैंक खातों और उनमें जमा धन का विवरण भी जुटाया जा रहा है। उसके वाहनों की जानकारी के लिए एआरटीओ कार्यालय से पुलिस ने संपर्क किया है। मामले की जांच कर रहे नगर कोतवाली प्रभारी पवन कुमार उपाध्यय का कहना है कि नगर पालिका, बैंक और एआरटीओ की रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी संपत्ति की सही जानकारी मिलेगी। पुलिस ने तीन जुलाई की रात रवींद्र कुमार पप्पू और उसके साथी आंध्रप्रदेश निवासी बी नारायण के कब्जे से ट्रक समेत उसमें लदी 12 लाख की मछली बरामद की थी। बरामद मछलियों में प्रतिबंधित मांगुर मछली भी थी। मुख्तार अंसारी की छत्रछाया में मछली के अवैध कारोबार करने के आरोप में पुलिस ने उसे जेल भेजने के बाद उसपर गैंगेस्टर के तहत भी कार्रवाई की है।
मुख्तार अंसारी के करीबी मछली कारोबारी की संपत्तियों की जांच की जा रही है। इसके लिए नगरपालिका, बैंक एआरटीओ कार्यालय और तहसील से भी रिपोर्ट मांगी गई है। -डॉ. संजय कुमार, एएसपी सिटी
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परिवार का दावा, मुख्तार से नहीं कोई संपर्क
जौनपुर। मछली के अवैध कारोबार के आरोप में जेल में बंद रवींद्र कुमार निषाद के भांजे राहुल निषाद का दावा है कि मछली के कारोबार के लिए मंडी समिति में उनका रजिस्ट्रेशन है और वह आयकर भी जमा करते हैं। पुलिस उन्हें मुख्तार अंसारी का करीबी होने का दावा कर रही है लेकिन उनका मुख्तार अंसारी से दूर-दूर तक भी कोई नाता नहीं है। आजतक उनके खिलाफ यूपी ही नहीं देश के किसा भी थाने में एक एनसीआर तक दर्ज नहीं है और पुलिस ने उन्हें गैंगेस्टर बना दिया। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
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