पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की ऑनलाइन बैठक मंगलवार को हुई। इसमें फुपुक्टा (उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ) के आह्वान पर 24 सूत्री मांगों को लेकर 5 अक्तूबर को होने वाले धरना प्रदर्शन की तैयारी पर चर्चा की गई। संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह ने कहा कि मांगों से संबंधित ज्ञापन कुलपति के माध्यम से कुलाधिपति, मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अविलंब मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हड़बड़ी में अविवेकपूर्ण ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक कैलेंडर अव्यवहारिक है और इसे लागू करना सरकार की अदूरदर्शिता का परिणाम है। इससे छात्र और शिक्षक हित दोनों प्रभावित हो रहा हैं। उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया कि धरना को अभी नहीं तो कभी नहीं कि तर्ज पर सफल बनाया जाएगा है। महामंत्री डॉ. राहुल सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन नीति लागू करने, प्रोफेसर पदनाम दिए जाने, अधिवर्षता आयु 65 वर्ष करने आदि मांगों को लेकर पांच अक्तूबर को विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया जाएगा। संयुक्त मंत्री डॉ. दिनेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में संख्या बल महत्वपूर्ण होता है। इसलिए शिक्षक एकजुट होकर आवाज बुलंद करें। वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. रामजीत सिंह ने कहा कि शिक्षक धरने में अपनी ताकत का एहसास कराने के लिए तैयार हैं। बैठक में मलिकपुरा पीजी कॉलेज गाजीपुर में बीएड परीक्षा के दौरान एक शिक्षक के साथ दुर्व्यवहार की घटना को लेकर प्राचार्य के खिलाफ महामंत्री डॉ. राहुल सिंह द्वारा प्रस्तुत निंदा प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। सभी ने एकमत से आरोपी प्राचार्य के खिलाफ कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन भेजकर संघर्ष का संकल्प लिया। बैठक का संचालन संयुक्त मंत्री पंकज सिंह ने किया। बैठक में संगठन के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. राजीव त्रिपाठी, डॉ. मनोज सिंह, पंकज सिंह, कार्यालय मंत्री डॉ. नीरज कुमार सिंह, सरफ़राज नवाज, सिधारी यादव, कोषाध्यक्ष आसिफ कमाल आदि मौजूद रहे।