एक करोड़ रुपये की बैटरियों से लदी डीसीएम के लूटे जाने की घटना का मात्र डेढ़ घंटे में पर्दाफाश कर अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बैटरियों से लदी डीसीएम ट्रक को बक्शा थाने में खड़ा किया गया था। घटना के 35 घंटे बाद बृहस्पतिवार की सुबह उसी डीसीएम से पांच बोरा गांजा बरामद हुआ। जो करीब एक क्विंटल बताया जा रहा है।
सुल्तानपुर के चांदा निवासी चालक राज नारायण तिवारी डीसीएम मालिक है और खुद गाड़ी चलाता है। उड़ीसा से एक कंपनी के टावर की पांच बैटरियां लेकर निकला था। चालक के मुताबिक, एक बैटरी की कीमत 20 लाख रुपये है। वह बैटरियां लेकर सुल्तानपुर जा रहा था। इन बैट्रियों के नीचे और बगल में कुल पांच बोरा गांजा रखा था। मंगलवार की रात 12:30 बजे रास्ते में जलालपुर थाना क्षेत्र के त्रिलोचन के पास कार सवार चार बदमाशों ने गाड़ी को ओवरटेक करके रोकवाकर अपने कब्जे में ले लिया था। साथ ही चालक राजनारायण तिवारी को बक्शा थाना क्षेत्र के शंभूगंज में धकेल कर भाग निकले थे। राजनारायण ने इसकी जानकारी पुलिस को दी तो बक्शा, महराजगंज, बदलापुर पुलिस ने घेराबंदी की और बदमाश रात डेढ़ बजे हिलाली के पास बैटरियां और ट्रक छोड़कर भाग गए। घटना की जानकारी पाकर मौके पर एएसपी ग्रामीण त्रिभुवन सिंह, सीओ सदर रणविजय सिंह भी पहुंचे। पूरी रात गाड़ी तेजीबाजार चौकी पर खड़ी रही, इसके बाद सुबह गाड़ी को बक्शा थाने पर लगाया गया। यहां बैटरी पर दूसरी प्लास्टिक डाली गई थी। लेकिन, पुलिस को गांजे की जानकारी नहीं हुई। वहीं, बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे पांच बोरा गांजा ट्रक से निकाला गया जो करीब एक क्विंटल था। पुलिस ने हिरासत में लिए गए ट्रक मालिक के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं, इस खबर के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि क्या बुधवार को पुलिस ने उक्त उस वाहन की जांच नहीं की थी। अगर ट्रक में गांजे की जगह बम रखा होता तो क्या होता।