मुठभेड़ स्थल से करीब पांच सौ मीटर पहले ही सभी को रोक दिया जा रहा था। जिला मुख्यालय से फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस घायल सतीश व दोनों सिपाहियों को अलग-अलग वाहनों से जिला अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने सतीश को मृत घोषित कर दिया।
बता दें कि सतीश सिंह प्रिंस 31 मई 2019 को सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में सिद्दीकपुर स्थित मां दुर्गाजी सीनियर सेकेंड्री स्कूल के पास सपा नेता लालजी यादव और 2021 में 16 फरवरी को सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के ही मखमेलपुर गांव के पूर्व प्रधान राजकुमार यादव की हत्या के मामले में वांछित था।
पुलिस अधीक्षक अजय साहनी ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया अपराधी सतीश सिंह प्रिंस सरायख्वाजा थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर जिले में आठ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि आजमगढ़ व वाराणसी में एक-एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। वह डी - 63 गैंग का सदस्य भी था।