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अब शहरवासियों को पेयजल की नहीं होगी दिक्कत

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अब 75 हजार उन शहरवासियों को पेयजल की किल्लत नहीं होगी, जिनके यहां पानी का कनेक्शन नहीं है। दो अक्तूबर को प्रधानमंत्री की ओर से शुरू किए गए अमृत पेयजल योजना टू के तहत 11 हजार 687 मकानों में रहने वाले करीब 75 हजार लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। योजना के तहत इन भवनों तक पेयजल पाइप लाइन का कनेक्शन दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जल निगम शहरी को सौंपी गई है। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए विभाग की तरफ से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके तहत जलापूर्ति की पाइप डालने, ओवरहेड टैंक बनाने, नलकूप लगाने और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) लगाने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
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सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। शहर क्षेत्र में कुल 39 हजार मकान हैं। इनमें से 27 हजार 313 मकानों में ही पेयजल कनेक्शन है। इन मकानों तक जलापूर्ति के लिए 150 किमी. पेयजल पाइप लाइन डाली गई है। जलापूर्ति के लिए 24 बड़े और 80 छोटे नलकूप लगाए गए हैं। सात ओवरहेड टैंक मौजूद हैं। इनसे करीब ढाई लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा बचे रह गए 11 हजार 687 मकानों में पेयजल कनेक्शन नहीं है। इससे इन मकानों में रहने वाले करीब 75 हजार लोगों के सामने पेयजल का संकट है। इनमें से अधिकांश को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। अब इन मकानों में रहने वाले लोगों को पेयजल की जल्द ही दूर करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इन लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य अमृत पेयजल योजना टू के तहत किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जल निगम शहरी को सौंपी गई है। विभाग ने इसके लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया है। विभाग जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन डालने, ओवरहेड टैंक बनाने, नलकूप लगाने और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने सहित अन्य कार्यों के लिए सर्वे किया जा रहा है।
जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता का कहना है कि दो अक्तूबर को प्रधानमंत्री की ओर से से अमृत पेयजल योजना टू का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत शहर क्षेत्र में घर-घर पेयजल पहुंचाने का कार्य किया जाना है। इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है। हालांकि अभी शासन से बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। शहर में अब भी करीब 11 हजार 600 मकान पेयजल कनेक्शन से वंचित हैं। इन भवनों में करीब 75 हजार लोग रहते हैं। इन्हें योजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य किया जाएगा। जलकल के अधिशासी अभियंता उमेश प्रसाद का कहना है कि अभी तक 27 हजार 313 मकानों में रहने वाले ढाई लाख आबादी को पेयजल का लाभ दिया जा रहा है। अन्य लोगों को पेयजल पाइप लाइन नहीं पड़ने के कारण पेयजल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रति व्यक्ति 16 लीटर कम पानी दिया जा रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि शहर में मौजूद 10 ओवरहेड टैंकों में से तीन चौकिया, कलेक्ट्रेट व उर्दू बाजार के ओवरहेड टैंक खराब पड़े हुए हैं।
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