कहा था, शादी के बाद आटे का पुतला बनाकर अंतिम संस्कार करेंगे लेकिन रविवार को शादी के बाद भी उन्होंने कुछ नहीं किया। वृद्धाश्रम में अपने साथियों को ये सब बताते-बताते भुआल बिलख पड़े। वृद्धाश्रम के केयर टेकर रवि चौबे ने बताया कि गोपालगंज (हरनामपुर) टोला भरोहिया कैंपियरगंज करीमनगर निवासी भुआल गुप्ता और उनकी पली शोभा देवी के तीन बेटे संजय, जग्गू, अज्जू और तीन बेटियां हैं। उम्र ढलने, पारिवारिक विवाद और तिरस्कार के कारण वह पत्नी के साथ धार्मिक यात्रा पर निकल गए थे। अयोध्या, मथुरा, वृंदावन पहुंचे।
सोशल मीडिया से जौनपुर के वृद्धाश्रम की जानकारी हुई तो पति-पत्नी यहां आ गए। भुआल गुप्ता के पास छोटे बेटे अज्जू का फोन कभी-कभी आता था। 18 नवंबर को शोभा देवी के पैरों में सूजन और शरीर में काले चकत्ते पड़ गए। 19 नवंबर को जांच में पता चला कि किडनी फेल हो गई है।
पत्नी की मौत के बाद भुआल गुप्ता ने जौनपुर के रामघाट पर ही शव के अंतिम संस्कार की इच्छा जाहिर की, मगर वृद्धाश्रम के बुजुर्ग साथियों के कहने पर उन्होंने बेटों को मां के निधन की सूचना दी। पहले अज्जू ने मना कर दिया लेकिन यह बात उनकी बेटियों को पता चली तो उन्होंने शव लाने के लिए दबाव डाला। करीब तीन-चार घंटे बाद अज्जू ने केयर टेकर रवि चौबे को फोन कर कहा कि वाहन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।