बसपा के टिकट पर मुंगराबादशाहपुर से चुनाव लड़ीं और भाजपा की तत्कालीन विधायक सीमा द्विवेदी को हराकर विधायक बनीं। लेकिन, साल 2020 में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में इन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।
इसके बाद से वे समाजवादी पार्टी से नजदीकियां बढ़ा रही थी। सुषमा पटेल के पति रणजीत सिंह भी पहले ही सरकारी सेवा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके हैं।
पिछले साल अक्तूबर में बसपा से निलंबित होने के बाद विधायक सुषमा पटेल जून माह में सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिली थीं। उन्होंने कहा बहुजन समाज पार्टी में निष्ठावान लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। कब कौन पार्टी से निकाल दिया जाएगा, इसका कोई भरोसा नहीं है।
उन्होंने बिना पक्ष जाने एक फोटो के आधार पर मुझे निलंबित कर दिया, जो पूरी तरह से गलत था। इसलिए अलग रास्ता चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। जनता का फैसला था कि सपा से चुनाव लड़ा जाए, इसलिए मैंने फैसले को स्वीकार किया है। अब मेरी विचारधारा पूरी तरह से समाजवादी पार्टी के साथ है। पार्टी जहां से कहेगी वहां से जनता के बीच चुनाव लड़ूंगी।
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