खुटहन थाना क्षेत्र के अंगुली गांव में मनोरोगी की लाठी-डंडे से मारकर गैर इरादतन हत्या करने वाले चाचा-भतीजे को अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह ने आजीवन कारावास सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माने लगाया है। मृतक की पत्नी सीता देवी ने थाना खुटहन पर एनसीआर दर्ज कराया था।
अभियोजन के अनुसार वादिनी के पति श्रीराम मनोरोगी था। कई जगह इलाज चल रहा था। वह अक्सर घर व बाहर के लोगों को गाली देते थे। 11 मई 2011 को वह बच्चों के साथ मेला देखने जा रही थी। गभिरन पहुंची थी तभी फोन से सूचना मिली कि पट्टीदार गोरख यादव, उसका भाई मोती, मोती के पुत्र अनिल व अमित को पति ने गालियां दी। इसी से नाराज होकर शाम साढ़े पांच बजे उन्हें लाठी-डंडे से मारे पीटे। जिला चिकित्सालय में दौरान इलाज रात में उनकी मौत हो गई। मुकदमा धारा 304 में तरमीम हुआ। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद गोरख व अमित यादव को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाया। मोती व अनिल की दौरान मुकदमा मौत हो गई थी।