साक्ष्य के अभाव में कई दोषमुक्त
अभियोजन के अनुसार अमरनाथ भारती को सुखनंदन ने पकड़ा था। जयप्रकाश ने कट्टे से अमरनाथ पर फायर किया तो वह झुक गए। गोली सुखनंदन को लगी। उसकी भी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना कर 26 आरोपी के खिलाफ केस डायरी कोर्ट में प्रेषित किया।
आरोपित सुखऊ, भूखंदर व हीरालाल की मृत्यु के बाद 23 आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में कोर्ट में आरोप तय हुआ। कोर्ट में 10 गवाहों के बयान जिला शासकीय अधिवक्ता सतीश पांडेय व राजनाथ चौहान ने दर्ज कराए।
दौरान मुकदमा आरोपित बलिराम, चानिका, पुल्लू, अमरनाथ, सोभनाथ व लालमनि की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपित मानिकचंद, जयप्रकाश, ओमप्रकाश, उत्तम, श्रीराम, मोहन, नबी उल्ला, रज्जब व जल्ला को हत्या व अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए दंडित किया। कोर्ट ने प्रेमचंद, मोती, राजकुमार, पट्ठे, लालचंद, लालजी, पंचम व सुरेंद्र शेष आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।