पहली बार आईएएस की परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हुए। दूसरे प्रयास में उनका प्रारंभिक परीक्षा में चयन हुआ और पिछले दिनों आईएएस मेंस में भी शामिल हुए। इस बीच पीसीएस-2019 की परीक्षा में भी हिस्सा लिया था। पहले ही प्रयास में पीसीएस की परीक्षा में उन्हें सातवीं रैंक हासिल हुई है।
सचिन अपनी सफलता का पूरा श्रेय पिता और मां गायत्री देवी को देते हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा में उनकी रुचि नहीं थी, लेकिन उन्हें यहां तक पहुंचाने की पिता ने हरसंभव कोशिश की। एक तरह से जितनी कोशिश मैंने किताबों में की, उससे भी कहीं अधिक पिता ने मुझे माहौल उपलब्ध कराने के लिए किया।
पीसीएस में चयनित होने पर संतोष जताते हुए कहा कि अभी आईएएस का रिजल्ट आना शेष है। पूरी उम्मीद है कि मेंस में भी सफलता मिलेगी और इंटरव्यू में शामिल होंगे। सचिन की एक छोटी बहन श्रेया हैं। वह केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। सचिन की सफलता पर प्रबंधक रामलोचन सिंह, विजय गुप्ता, बीईओ नरेंद्र देव मिश्र, विधायक रमेश चंद्र मिश्र, प्रबंधक विनोद कुमार सिंह आदि ने बधाई दी है।