तीन लाख से अधिक धनराशि का गेहूं बेचने वाले 611 किसानों की जांच शुरू हो गई है। यह जांच जिला पूर्ति कार्यालय की ओर से की जा रही है। जांच में मामला सही पाए जाने पर संबंधित किसानों का राशन कार्ड निरस्त करने की तैयारी है। इन किसानों की सूची खाद्य एवं रसद निदेशालय से आई है।
जिले में कुल आठ लाख 16 हजार किसान हैं। जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 में गेहूं खरीदने के लिए 118 केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 17 हजार 964 किसानों से 67029.41 एमटी गेहूं की खरीद की गई है। संबंधित किसानों को गेहूं खरीद का 132.383 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। उधर, गेहूं खरीद की आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से जांच कराई गई तो जिले के 611 किसान ऐसे मिले, जिन्होंने तीन लाख से अधिक धनराशि की गेहूं बेची है। ऐसे किसानों की जांच करने के लिए खाद्य एवं रसद निदेशालय की तरफ से जिला पूर्ति विभाग को सूची भेजी गई है। किसानों की सूची आने के बाद जिला पूर्ति विभाग के जिम्मेदारों ने जांच शुरू कर दी है। जिला पूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही का कहना है कि आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग के निदेशालय से तीन लाख से अधिक धनराशि का गेहूं बेचने वाले 611 किसानों की सूची आई है। जिनकी जांच की जा रही है। एक सप्ताह में जांच पूरी होगी। जांच पूरी होने के बाद मामला सही मिलने पर संबंधित किसानों का राशन कार्ड निरस्त किया जाएगा।
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जिले में हैं 8 लाख अधिक कार्डधारक
जौनपुर। जिले में वर्तमान में कुल आठ लाख आठ हजार 107 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें एक लाख 25 हजार 472 अंत्योदय और छह लाख 78 हजार 635 पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक हैं। जिनको राशन उपलब्ध कराने का कार्य किया जाता है।