गोमती और सई का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नदियों का जलस्तर 8 फीट बढ़ गया है, जिसके चलते गोमतेश्वर नाथ महादेव मंदिर और घाट डूब गए हैं। मछुआरों ने नदी में बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण अपनी नाव का संचालन बंद कर दिया है।
शहर से गुजरी गोमती नदी का जलस्तर पिछले तीन दिनों से तेजी से बढ़ रहा है। एक दिन पहले जलस्तर 10 फीट था। जिसके चलते नमामि गंगे के तहत हनुमान घाट पर चल रहा डेवलपमेंट का काम बंद कर दिया गया है। हालांकि नाव संचालन और लोगों द्वारा स्नान जारी था। लेकिन, शनिवार की सुबह तक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी के तेज बहाव के कारण लोगों ने स्नान करना बंद कर दिया। दोपहर बाद मछुआरों ने भी अपनी नाव किनारे खड़ी कर दी। शाम पांच बजे तक नदी ने18 फीट का निशान छू लिया था। इस दौरान गोमतेश्वर नाथ मंदिर पूरी तरह से डूब गया। हनुमान घाट, गोपी घाट, विसर्जन घाट, गूलर घाट गोमती डूब गए। पटहटियां स्थित राम घाट और सूरज घाट पर भी पानी सीढ़ियों के ऊपर आ गया। वहीं, केराकत और डोभी के निचले इलाकों में भी पानी का बहाव बढ़ रहा था। दूसरी ओर सिकरारा स्थित सई नदी का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यहां बरगुदर नदी पर बने पुराने पुल को नदी छूने के करीब पहुंच गई है। माना जा रहा है कि इसी गति से नदी का जल स्तर बढ़ता रहा तो एक-दो दिनों में कई इलाकों में परेशानी खड़ी हो सकती है।