जौनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सचिव शिवानी रावत की अध्यक्षता में सदर तहसील सभागार में शुक्रवार को महिला सशक्तीकरण विषय पर विधिक साक्षरता व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
सचिव शिवानी रावत ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके अधिकारों और मूल्यों का हनन करने वाली सोच को बदलना होगा। महिलाओं के प्रति सकारात्मक रुख अपनाना आवश्यक है। दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, असमानता, भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा, बलात्कार, वैश्यावृति, मानव तस्करी, लैंगिक भेदभाव राष्ट्र में सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक अंतर ये सब महिलाओं को कमजोर बनाती है। महिला सशक्तीकरण के सपने को सच करने के लिए लड़कियों के महत्व और उनकी शिक्षा को प्रचारित करने की जरूरत है। गर्भावस्था में ही कन्या भ्रूण हत्या। इस कानून के तहत लिंग निर्धारण एक अपराध है। ऐसा करने वालो को जिसमें 10-50 हजार रुपये का जुर्माना तथा तीन से पांच साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। महिला लेखपाल दिपीका ने महिलाओं की शिक्षा, समाज में प्रतिष्ठित स्थान व उनके सम्मान पर प्रकाश डाला। पैनल अधिवक्ता देवेंद्र कुमार यादव ने प्राधिकरण की योजनाओं के बारे में बताया। इस मौके पर प्रेमकांत यादव, सुबाष चंद्र यादव, शिव शंकर सिंह, सुनील गौतम आदि उपस्थित रहे।