गोमती नदी का पानी तटीय इलाकों में घुसने लगा है। कई रिहायशी मकानों व मड़हे में पानी घुसने से लोग सुरक्षित छांव तलाशने लगे हैं। कुछ तो मंदिरों पर पनाह लिए हुए हैं। सबसे ज्यादा स्थिति चंदवक घाट पर बसे गोस्वामी व मल्लाह बस्ती प्रभावित हुई है। गोमती चंदवक घाट पर स्थित गोमती का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया है। केराकत में बरमलपुर के पास स्थित डा. अमरसेन का मकान व अर्जुन यादव का गत्ता फैक्ट्री के चारों तरफ पानी गिर गया है।
इससे विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी गांव के गोमती पुल से बरमलपुर जाने वाले मार्ग के पानी में डूबने से बरमलपुर के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। डोभी इलाके में जलस्तर बढ़ने से गोमती नदी के किनारे के गांव बरमल पुर ,चंदवक घाट, चवरवर आदि निचले इलाकों में गांव की आबादी तक बाढ़ का पानी आ गया है, जिससे चंदवक घाट के मल्लाह बस्ती में दो तीन मकानों में पानी घुस गया है।