कलेक्ट्रेट में अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए समर्थकों के साथ दीपचंद्र राम ने किया प्रदर्शन ।
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीपचंद्र राम ने शुक्रवार को गुजरात की घटना और बसपा मुखिया मायावती पर अमर्यादित टिप्पणी को लेकर पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अपनी ताकत का एहसास कराया और भाजपा को आड़े हाथों लिया।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में घोर असमानता बनी हुई है। इस विरोधाभासी जीवन में हम कब तक जीते रहेंगे। ज्यादा दिनों तक का यह विरोधाभास लोकतंत्र को खतरे में डाल देेगा। गैर बराबरी के शिकार लोग लोकतंत्र के ढांचे को ध्वस्त कर देंगे।
उन्होंने कहा कि दलितों के साथ शोषण, उत्पीड़न, भेदभाव हो रहा है। हैदराबाद के रोहित वेमुला की घटना, गुजरात की घटना और बसपा मुखिया मायावती पर भाजपा से निष्कासित प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह द्वारा की गई टिप्पणी पर उन्होंने नाराजगी जताई।
कहा कि इसी वजह से वह भाजपा छोड़ रहे हैं। उनके साथ पवन कुमार, जिला मंत्री भाजपा, हवलदार, बद्री प्रसाद, नित्यानंद जोशी, सुभाष चंद्र, लाल बहादुर, आदि ने भी पार्टी से त्याग पत्र दे दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने कहा कि दीपचंद्र राम पार्टी के सदस्य जरूर बने थे। पार्टी ने उन्हें सम्मान भी दिया था, किंतु वह कभी भी पार्टी की विचारधारा से नहीं जुड़ सके। निजी स्वार्थों की पूर्ति न होने पर गलत आरोप लगाकर पार्टी छोड़ दी।