लगभग रात 11 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समझाने के बाद मृतक के बेटे राहुल से तहरीर दिलाई। बेटे ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता, एसडीओ, अवर अभियंता सिकरारा और एक अज्ञात के खिलाफ लापरवाही पूर्वक कार्य कर पिता की हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की। लेकिन, परिवार के लोगों ने विरोध तेज कर दिया।
हालांकि काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने चारों नामजद लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी कॉपी घटनास्थल पर परिजनों को दी। इसके बाद रात 12 बजे पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। मौके पर मौजूद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने परिजनों को दुर्घटना बीमा का 5 लाख का चेक दो दिनों में देने की घोषणा की। साथ ही उन्हें आश्वस्त किया कि इसके अलावा शासन स्तर से नियमानुसार जो भी सुविधाएं संभव होंगी परिजनों को मुहैया कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।