फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रियंका गांधी का रोड शो भी नहीं आया काम,जमानत तक नहीं बचा पाए नदीम जावेद

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। सदर सीट पर साल 2012 जैसा परिणाम लाने का सपना कांग्रेस का पूरा नहीं हो सका। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी की तरफ से इस बार विधानसभा चुनाव का नेतृत्व कर रही प्रियंका गांधी के रोड शोर, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्री की सभाओं के बाद भी कांग्रेस के प्रत्याशी और पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक नदीम जावेद को करारी हार मिली है। वह अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए।
विज्ञापन

एक समय था जब कांग्रेस ने जनपद की सभी सीटें जीत ली थी। मगर समय का चक्र ऐसा बदला कांग्रेस एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन 22 साल तक नाकाम रही। जौनपुर (सदर) सीट पर 32 साल तक एक जीत दर्ज करने के लिए इंतजार करना पड़ा। साल 2012 में नदीम जावेद ने सदर सीट से चुनाव लड़े थे और कांग्रेस को जीत दिलाई थी। उन्होंने बसपा के तेज बहादुर मौर्य (पप्पू मौर्या) को हराकर जीत दर्ज की थी। वर्ष 2017 में भाजपा के गिरीशचंद्र यादव ने सपा गठबंधन से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के नदीम जावेद को हरा दिया। इस चुनाव में नदीम दूसरे स्थान पर थे और उन्हें 78040 मत मिले थे। इस बार चुनाव के दौरान विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा से गिरीशचंद्र यादव के खिलाफ कांग्रेस ने अपने जिलाध्यक्ष फैसल हसन तबरेज को प्रत्याशी घोषित किया था। सपा ने तेज बहादुर मौर्या को सिब्बल दे दिया। ऐसे में तीन लाख 51 हजार 356 मतदाताओं में 90 हजार के करीब मुस्लिम मतदाता को देखते हुए अपने जिलाध्यक्ष का ही टिकट काटकर एक बार फिर नदीम जावेद पर दांव खेल दिया। हालांकि, इसके बाद सपा ने नाटकीय तरीके आखिर में 1993 में विधायक रहे अरशद खान को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया, जिसके बाद बसपा ने सलीम खान को मैदान में उतारकर मुकाबले को रोंचक बना दिया था। कांग्रेस को नदीम जावेद से पहले जैसी उम्मीद थी, जिसके चलते खुद प्रियंका गांधी ने शहर में रोड शो किया, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्री जैसे बड़े चेहरों ने प्रचार किया, मगर परिणाम उम्मीद से भी खराब आया और वे महज 12106 मत ही पा सके। जबकि उनसे ज्यादा बसपा के प्रत्याशी सलीम खान 30402 हासिल किए। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों को देखे तो इस सीट पर जीतने वाले भाजपा प्रत्याशी और राज्यमंत्री गिरीशचंद्र यादव 97264 मत पाकर विजयी हुई, जबकि दूसरे स्थान मोहम्मद अरशद खान 88636 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। ऐसे में साफ हो गया कि नदीम जावेद कांग्रेस और खुद स्वजातीय वोट अपने पक्ष में करने में नाकाम रहे और जमानत तक नहीं बचा पाए। हालांकि यही हालत सभी सीटों पर रही और कांग्रेस के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें