लो वोल्टेज की समस्या से तकरीबन तीन लाख की आबादी जूझ रही है। एसी, कूलर तो दूर पंखे नहीं चल रहे हैं। ऐसे में गर्मी से लोग बेहाल हैं, न तो उन्हें समय से पानी मिल रहा है और न ही लोग अपनी नींद पूरी कर पा रहे हैं। इस समस्या को लेकर लोगों का आक्रोश कभी भी फूट सकता है। क्योंकि वैसे भी लोग 10 से 12 घंटे की कटौती से आजिज आ चुके हैं।
शहर में तकरीबन 36 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लिया है। करोड़ों रुपये बिजली का बिल लोग चुका रहे हैं। बावजूद लोगों को मुश्किल से 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। कहने को तो चार घंटे की कटौती दिन में 12 बजे से 2 बजे और रात में 12 बजे से 2 बजे तक करने का शेड्यूल है।
लेकिन सोमवार को देखा जाए तो ओलंदगंज, नखास, रुहट्टा, नईगंज, तारापुर कालोनी, मछलीशहर पड़ाव, मुरादगंज, पालिटेक्निक, उमरपुर, अहमदखां मंडी, सुंदर नगर आदि इलाकों में 10 बजे सुबह बिजली गई और थोड़ी देर बाद पांच मिनट के लिए आई फिर चली गई। इसके बाद तीन बजे आई।
बिजली कब चली जाएगी और कब आएगी इसका न तो कोई निर्धारित समय है और न ही रोस्टर ही जारी किया गया है। बिजली रहने के बाद भी लो वोल्टेज की वजह से लोगों को जूझना पड़ रहा है। जिन लोगों ने थ्री फेस कनेक्शन लिया है। उन्हें भी जनरेटर चलाकर अपना काम चलाना पड़ रहा है।
उद्योग और कारोबार भी चौपट हो रहा है। सरकारी कार्यालयों में काम ठप हो जा रहे हैं। लोग चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। सबकुछ बिजली के नहीं रहने और लो वोल्टेज की वजह से हो रहा है। लो वोल्टेज की सबसे अधिक समस्या शहर के ठाकुर सुरेंद्रनाथ सिंह कालोनी, अराजी बाबूपुर, मतापुर, खरका कालोनी की है।