Dhananjay Singh: इससे पहले बुधवार की सुबह जेल से रिहा होने के बाद बाहर आते ही उन्होंने कहा था कि मुझे फर्जी मुकदमे में सजा हुई। मेरी पत्नी चुनाव लड़ रही हैं। मैं सीधे अपने क्षेत्र में जाऊंगा। इसके बाद वह अपने जौनपुर के लिए रवाना हो गए थे।
जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह बुधवार को सुबह बरेली जेल से रिहा होने के बाद 830 किलोमीटर की दूरी तय कर जौनपुर पहुंचे। जेल से रिहा होने के बाद धनंजय ने सबसे पहले कैंची धाम स्थित बाबा नीम करौरी का दर्शन किया। इसके बाद सड़क मार्ग से लखनऊ होते हुए गुरुवार को सुलतानपुर पहुंचे।
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यहां उन्होंने विजेथुआ धाम में माथा टेका, इसके बाद दोपहर 2.45 बजे शाहगंज पहुंचे। इस पूरी यात्रा में 22 जगह उनका ठहराव हुआ। धनंजय सिंह को अपहरण व रंगदारी मामले में सात साल की सजा हुई है। इसी मामले में प्रयागराज हाइकोर्ट ने बीते शनिवार को धनंजय को जमानत दी।
इसके बाद सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए धनंजय को मंगलवार को बरेली के केंद्रीय कारागार से रिहा किया गया। धनंजय रिहा होते ही सबसे पहले कैंची धाम पहुंचे। नीम करौरी धाम में मत्था टेकने के बाद वो सड़क मार्ग से सीधा लखनऊ आए और जौनपुर के लिए आगे बढ़े। माला-फूल पहना कर लोगों ने उनका स्वागत हुआ।
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इस बीच, धनंजय गाड़ी से नीचे नहीं उतरे और काफिला आगे बढ़ गया। धनंजय सिंह शाम चार बजे तक जौनपुर के कालीकुत्ती स्थित अपने आवास पर पहुंचेंगे। चर्चा के मुताबिक वो अपनी पत्नी श्रीकला सिंह जो जौनपुर लोकसभा सीट से बसपा की प्रत्याशी हैं, उनके साथ प्रचार करेंगे।