लासा गांव में दोहरे हत्याकांड के बाद रोते बिलखते परिवार के लोग।
क्षेत्र के लासा गांव निवासी अपने दो बच्चों का हत्यारे पिता संदीप ने एक साल पहले घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। हालांकि उस वक्त परिवार वालों ने उसे बचा लिया था। उस वक्त भी पत्नी से विवाद हुआ था। घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ के बीच लोग यह चर्चा करते सुने गए कि अगर उसी वक्त संदीप मर गया होता तो आज दोनों बच्चे जिंदा रहते और पत्नी की यह दशा न होती ।
बच्चों का हत्यारा पिता संदीप मुंबई में पेंटिंग का काम करता है। वह दो माह पहले घर आया था। आस पास के लोगों की माने तो वह जब से घर आया है तभी से रोज पत्नी से किसी न किसी बात को लेकर विवाद करता था। करीब 15 दिन पहले उसने पत्नी की पिटाई कर दी थी तो वह नाराज होकर मायके चली गई थी। उसके दोनों बच्चे घर पर ही थे। एक सप्ताह पूर्व वह खुद ससुराल गया और पत्नी को वहां से विदा कराकर लाया था। ग्रामीणों की मानें तो वह एक साल से पत्नी पर शक करता था। जिसे लेकर परिवार में कहासुनी एवं मारपीट भी कई बार हो चुकी थी।
सीओ मछलीशहर सौम्या पांडेय ने भी मौके पर पहुंचकर घटना के बारे में लोगों से पूछताछ की। वहीं एसओ के मौके पर न पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई। उन्होंने दो सिपाहियों को मौैके पर भेज कर मामले की खानापूर्ति कर दी। वहीं एसपी शैलेश पांडेय ने इस बात पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हत्या की बात एसओ ने उन्हें तत्काल नहीं बताया।