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नकल माफिया ने लगाया पूरा जोर

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टीजीटी की परीक्षा के दौरान प्रशासन ने सख्ती तो की लेकिन नकल माफियाओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। शनिवार को पहली पारी की परीक्षा के दौरान दो सेंटरों पर अलग-अलग तरीके से पकड़े गए परीक्षार्थियों से इसका खुलासा भी हुआ है। पकड़े गए दोनों नकलचियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश में जुट गई है कि कहीं इनके तार किसी नकल माफिया गिरोह से तो नहीं है।
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मंडल स्तर पर होने वाली टीजीटी की परीक्षा इस बार इस जिला स्तर पर हो रही है। हालांकि जिला प्रशासन ने भी नकल विहीन शुचितापूर्ण परीक्षा कराने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। कक्ष निरीक्षकों को एडीएम ने आईकार्ड जारी किया था। वहीं, नकल माफियाओं ने भी तरह-तरह के हथकंडे अपनाए थे। हालांकि दो स्थानों पर उनका ये प्रयास नाकाम साबित हुआ। टीडी कालेज में केंद्राध्यक्ष डा. समर बहादुर सिंह निरीक्षण करने निकले थे। उन्हें एक महिला परीक्षार्थी पर शक हुआ। शक के आधार पर महिला पुलिस ने परीक्षार्थी की तलाशी ली।
महिला परीक्षार्थी के पास से एक इलेक्ट्रानिक उपकरण मिला, जिसे बड़े सतर्कता के साथ तैयार कराया गया था। इस डिवाइस के अंदर सिमकार्ड लगा था। पीछे एक क्रेडिट कार्ड चस्पा किया गया था जो चकमा देने के लिए था। जबकि कान में ब्लूूटूथ ईयरबड लगाकर उसे रुई से छुपाया था। इसी के माध्यम से वह बाहर किसी की बात सुनकर प्रश्नपत्र हल कर रही थी। हालांकि इस उपकरण की जांच के लिए सील कर पुलिस को सौंप दिया गया है। पकड़े गए परीक्षार्थी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर टीडी कालेज चौकी पुलिस को सौंप दिया गया है। इसी तरह राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कॉलेज केंद्र पर पहली पाली की केंद्राध्यक्ष व प्राचार्य डा. अखिलेश्वर शु्क्ल के नेतृत्व में आंतरिक उड़नदस्ते में शामिल लोग परीक्षा का निरीक्षण कर रहे थे। शक होने पर परीक्षा दे रहे एक अभ्यर्थी की तलाशी ली गई। उसके पास से हल किए हुए 125 सवाल के उत्तर मिले। पेपर में कुल 150 सवाल आए थे। जिसमें से 125 सवाल का उत्तर उसके पास से मिला। छाया प्रति पर सभी 150 खाने बने थे। लेकिन जवाब केवल 125 सवाल का ही लिखा गया था। केंद्राध्यक्ष ने नकल सामग्री के साथ अभ्यर्थी को कोतवाली पुलिस को सौंपा दिया। केंद्राध्यक्ष डा. अखिलेश्वर शुक्ल ने बताया कि कक्ष निरीक्षक के संदेह होने पर तलाशी ली गई थी। पकडे़ परीक्षार्थी के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करा कर पुलिस कौ सौंप दिया गया।
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दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। इस मामले में अगर किसी गिरोह का हाथ होगा तो उसका खुलासा करते हुए कार्रवाई की जाएगी। -जितेंद्र दुबे, सीओ सिटी
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