मीरगंज। क्षेत्र के मेदपुर बनकट गांव की मुसहर बस्ती में एक सप्ताह के अंदर तीन बच्चियों की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे की नींद खुली है। शुक्रवार को सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह ने गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवार से पूछताछ की। डाक्टरों की टीम को उन्होंने पीने वाले पानी की व कोविड की शत प्रतिशत जांच करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने मुसहर परिवार के लोगों को बासी भोजन नहीं खाने की सलाह दी। स्वास्थ्य टीम ने बस्ती के सभी लोगों की जांच की और दवा के छिड़काव भी किया गया। एक दिन पहले सीएचसी मछलीशहर की मेडिकल टीम डा. बीएल यादव के नेतृत्व में गांव पहुंच कर 58 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की थी। मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग बताया गया था।
मछलीशहर ब्लाक के मेदपुर बनकट गांव में 6 अगस्त को समारु मुसहर की बेटी लक्ष्मीना (7) की मौत हो गई थी। उसके बाद 9 अगस्त को चंचल मुसहर की लड़की झगड़ी (01) की मौत हुई। 10 अगस्त को चंचल की पुत्री रानी (4) की मौत हो गई। लगातार मौत होने से गांव में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान सुशीला के पति शेर बहादुर यादव को हुई तो उन्होंने स्वास्थ्य टीम को इसकी जानकारी दी। बृहस्पतिवार को मछलीशहर सीएचसी से डा. बीएल यादव के नेतृत्व मे स्वास्थ्य टीम पहुंच कर 58 लोगों की पहले कोविड -19 की जांच की। जिसमे सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उसके बाद बीमार चल रहे शंकर (40) को एम्बुलेंस से इलाज के लिए मछलीशहर भेजा गया। दूसरे दिन अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया। जिसके बाद शुक्रवार को शाम पांच बजे सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह सीएचसी मछलीशहर के अधीक्षक डा. आरपी विश्वकर्मा तथा डा. बीएल यादव के साथ मौके पर पहुंचकर मुसहर बस्ती के लोगों से बातचीत किया। उन्हें बिटामिन व दवाएं दी गई। सीएमओ ने बताया की स्थिति सामान्य है। रैपिड रिस्पांस टीम को शत प्रतिशत कोविड की जांच करने का निर्देश दिया गया है। टीम में अर्जुन सिंह, विजय मौर्या, आशा, मीरा यादव, मीना बिन्द, चन्द्रशेखर व राकेश यादव शामिल रहे।