जौनपुर। निकायों में स्वचछता सर्वेक्षण शुरू हो गया है, लेकिन अभी भी हालात सुधरे नहीं है। वार्डो में सफाई के अभाव में जगह-जगह कूड़ों का ढेर लगा हुआ है। वहीं डस्टबीन भी टूटे पड़े हैं, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। वे पिछली बार रैकिंग खराब होने से भी सबक नहीं ले रहे हैं। लगभग नगर पालिका जौनपुर सहित शाहगंज, मुंगराबादशाहपुर, केराकत, खेतासराय, बदलापुर, मडि़याहूं, मछलीशहर, जफराबाद निकायों का भी है, जिसमें स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू है।
जिले के सभी 12 निकायों में से नौ निकायों में एक मार्च से लेकर 28 मार्च तक स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान शुरू हो गया है, लेकिन जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं। सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में रोजाना लगभग 97 टन कूड़ा निकलता है, जिसके निस्तारण के लिए कुल्हनामऊ में सालिड वेस्ट मैनेज मेंट प्लांट बनाया गया है। वहीं शहर में सफाई के लिए तकरीबन 600 सफाई कर्मचारी तैनात हैं, जिसमें परमानेंट 168, संविदा 72 और 360 आउट सोर्सिगिं के सफाई कर्मी है। इन सफाई कर्मियों को मोहल्लेवार तैनात किया गया गया है, लेकिन इनके ओर से रोज सफाई नहीं किए जाने से गंदगी का अंबार लगा हुुुआ है। वे कभी सप्ताह भर के बाद तो कभी पखवारा भर के बाद सफाई करने का कार्य करते हैं, जिससे मोहल्लों में जगह-जगह कूड़ा बिखरे हुआ है, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दुर्गंध से लोगों को जीना दूभर हो गया है। संक्रामक बीमारियां फैलने की संभावना बनी हुई है। इस मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि मोहल्लेवार सफाई कर्मचारियों को तैनात किया गया है। उनको रोज सफाई करने का निर्देश भी दिया गया है। अव्वल आने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।