जौनपुर जिले के पंवारा थाना क्षेत्र के अमोध गांव में कोरोना संक्रमित युवक के दाह संस्कार के दौरान पुलिस टीम पर पथराव करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रवैया अख्तियार किया है। इस मामले में रविवार को 11 लोगों पर नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा कराया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
जफराबाद के नाथूपुर के युवक का मुंबई से लौटते समय शुक्रवार को मुंगराबादशाहपुर के क्वारंटीन सेंटर में निधन हो गया था। जांच में उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। डॉक्टरों की निगरानी में प्रशासन शनिवार की शाम अमोध गांव में खाली भूमि पर शव का दाह संस्कार कराने लगा तो ग्रामीण उग्र हो गए और संक्रमण की आशंका जताते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। शव जला रही टीम पर पथराव भी किया।
इसमें पीआरवी वाहन, लकड़ी लेकर आई पिकअप आदि वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़कर स्थिति नियंत्रित किया। अब पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। पंवारा थानाध्यक्ष मुंतजर हुसैन ने बताया कि पथराव व उपद्रव करने के आरोप में 11 नामजद व 50 अज्ञात के खिलाफ बलवा, लोकसेवकों में भय उत्पन्न करने, मारपीट, महामारी निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस घटना से ग्रामीणों में पुलिस-प्रशासन के प्रति रोष है। उनका कहना है कि मौत मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र में हुई और शव पंवारा में जलवाया गया। सड़क और आबादी से सटे स्थान पर शवदाह किया गया। इससे संक्रमण का खतरा है। अमोध गांव के प्रधान राजमणि पटेल का कहना है कि प्रशासन ने इस मामले में उनसे कोई बात नहीं की। साहनी गांव में 50 बीघे जमीन थी, वहां शवदाह हो सकता था।
जहां दाह संस्कार हुआ है, वह तालाब खाते की जमीन है और आबादी से 600 मीटर दूर है। शव पूरी तरह से जलने बाद जब टीम लौट रही थी, तब ग्रामीणों ने हंगामा किया।
अमिताभ यादव, एसडीएम, मछलीशहर।