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प्रत्याशी धनंजय बोले: मैं इनामी या फरार नहीं हूं, गलत बोल रहे हैं अखिलेश 

Tue, 15 Feb 2022 09:35 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह जदयू से चुनाव लड़ेंगे और मंगलवार को पर्चा दाखिल करेंगे। पूर्व सांसद व मल्हनी क्षेत्र से प्रत्याशी धनंजय सिंह ने साफ किया कि मैं इनामी व फरार नहीं हूं। मुझ पर इनाम का मामला कोर्ट ने समाप्त कर दिया है। केस की एसटीएफ जांच कर रही है। मुझ पर जो धाराएं हैं वह जमानती हैं। फरार व इनामी की बात या अखिलेश के ट्वीट पूरी तरह से गलत हैं। मैं 16 फरवरी को नामांकन करूंगा। 
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इस मौके पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बिहार के अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री जमा खां ने कहा कि धनंजय सिंह के संबंध मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आज भी हैं। वह प्रचार करने खुद आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश में नीतीश कुमार जैसा कोई नेता नहीं है, लोग उनसे प्रेरणा लेते हैं। जैसे पहले यूपी में आते ही पता चल जाता था कि हम यहां आए हैं आज वैसे ही बिहार में प्रवेश करते ही इसका आभास हो जाता है कि हम बिहार में हैं। वहां बिजली, स्वास्थ्य, सिंचाई कोई दिक्कत नहीं है। बिहार हर मामले में स्वच्छ हो गया है। इस मौके पर एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू भी मौजूद रहे।

 
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वारंट पर हाजिर हुए धनंजय सिंह
जौनपुर। पूर्व सांसद धनंजय सिंह सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में हाजिर हुए। उनके खिलाफ लाइन बाजार थाना क्षेत्र में अपहरण व रंगदारी के मामले में वारंट जारी था। उन्होंने कोर्ट में वारंट निरस्त करने का प्रार्थना पत्र दिया। इस पर कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर वारंट रिकाल किया तथा अगली सुनवाई के लिए 25 फरवरी की तिथि नियत की।

दस मई 2020 को नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिघल ने धनंजय सिंह व विक्रम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि पचहटिया स्थित साइट से उनका अपहरण कर धनंजय सिंह के आवास पर ले जाया गया। वहां धनंजय पिस्टल लेकर आए और जबरन वादी की फर्म को कम गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति करने को कहा। इंकार करने पर गालियां व धमकी दी तथा रंगदारी मांगा। दूसरे दिन धनंजय की गिरफ्तारी हुई। यहां से जमानत निरस्त हुई। हाईकोर्ट से जमानत मिली। पत्रावली एमपी एमएलए कोर्ट प्रयागराज भेजी गई थी। हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश के बाद पत्रावली यहां आई। पूर्व में वारंट जारी था। धनंजय सिंह ने कोर्ट में हाजिर होकर वारंट रिकाल कराया।
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