जौनपुर। सिंगरामऊ में हुई मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों को गार्ड द्वारा मारी गई गोली लगी थी। खून के गिरे छींटे से पुलिस को अहम सुराग मिला था और पुलिस ने अपना जाल बिछा दिया था। परिणामस्वरूप घटना के 15 घंटे बाद पुलिस ने बदमाशों को मार गिराया।
धनियामऊ एटीएम के पास बदमाशों ने कैश लूटने के लिए अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस दौरान गार्ड ने अपने 12 बोर की बंदूक से कई छर्रे मारे थे, जो बाइक सवार बदमाश अभिषेक गौतम और नितिन मौर्या को लगे थे। घटना के करीब आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। हालांकि इस दौरान पुलिस की नजर सड़क पर पड़े खून के निशान पर गई, जो जगह-जगह सड़क पर पड़े थे। इससे स्पष्ट हो गया था कि वारदात को अंजाम देकर बदमाश बदलापुर की तरफ भागे थे।
एएसपी ग्रामीण त्रिभुवन सिंह ने बताया कि जांच में पता चला था कि बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद फोरलेन बाईपास पकड़कर बदलापुर की तरफ भागे थे। पुलिस को बदमाशों के खून गिरने का निशान बदलापुर तक मिला था। इसी बात को लेकर पुलिस आश्वस्त थी कि बदमाश बदलापुर क्षेत्र में ही कहीं रुके हुए हैं। बदमाशों के बदलापुर क्षेत्र में होने की आशंका पर ही एसपी द्वारा गठित एसओजी, प्रभारी निरीक्षक बक्शा, बदलापुर तथा सिंगरामऊ टीमों के प्रभारी निरीक्षक बदलापुर क्षेत्र में ही डेरा डालकर बदमाशों की खोजबीन कर रहे थे। वहीं, पुलिस से जुड़े लोगों के मुताबिक दोनों बदमाशों ने एक निजी चिकित्सक से अपना इलाज कराए थे। लेकिन, इसी के बाद पुलिस को उनके बारे में मुखबिर से सटीक सूचना मिल गई, जिसके आधार पर मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार करने की कोशिश की। लेकिन खुद पर फायरिंग होने पर बचाव में भी पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अभिषेक और नितिन ढेर हो गए। जिला अस्पताल में एसपी अजय साहनी ने भी इस बात की पुष्टि किया कि बदमाशों को गार्ड द्वारा मारे गए कई छर्रे लगे थे। घायल बदमाशों ने कहीं अपना इलाज कराया था।