जौनपुर। जिले के अधिकांश ब्लड बैंकों में हर वर्ग का रक्त मौजूद नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। दुर्घटना और ऑपरेशन के समय ब्लड की जरूरत होती है। ब्लड न मिलने की दशा में मरीजों के परिजनों को ब्लड के लिए दूसरे जिलों तक दौड़ लगानी पड़ती है। स्वयंसेवी संगठनों की ओर से कैंप लगाकर ब्लड डोनेशन की जरूरत है।
जिले की जनसंख्या के हिसाब से जिला अस्पताल में भी ब्लड पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं है। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में ब्लड की उपलब्धता पर नजर डालें तो ब्लड बैंक में कुल 58 यूनिट ब्लड सोमवार को ब्लड बैंक के बोर्ड पर दर्शाया गया। इसमें ए पॉजीटिव तीन यूनिट, बी पॉजटिव 8 यूनिट, ओ पॉजीटिव 39 यूनिट, एबी पॉजीटिव 2 यूनिट, बी निगेटिव 4 यूनिट और ओ निगेटिव ब्लड 2 यूनिट मौजूद है। जो जिले की संख्या के हिसाब से नाकाफी है। बैंक में एबी निगेटिव, ए निगेटिव वर्ग का ब्लड मौजूद नहीं है। इसी प्रकार, आईएमए के ब्लड बैंक में ब्लड की उपलब्धता पर नजर डाली जाए तो कुल 79 यूनिट ब्लड सोमवार को मौजूद दिखाया गया है। इसमें ए पाजीटिव और एबी के 2-2 यूनिट, बी और ओ वर्ग का 75 यूनिट ब्लड मौजूद है। जिले में चार ब्लड बैंक हैं, इनमें उपलब्ध ब्लड करीब 55 लाख आबादी के लिए पर्याप्त नहीं है।
वर्जन
जिले की जनसंख्या के हिसाब से (55 लाख आबादी पर) हर साल 5500 यूनिट ब्लड का कलेक्शन होना चाहिए। ताकि दुर्घटना और ऑपरेशन के समय सभी को हर वर्ग का ब्लड आसानी से मिल सके। हर किसी को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। रक्तदान करने में किसी को कोई परेशानी नहीं होती है। - डा. शायन दास, ब्लड बैंक प्रभारी, जिला अस्पताल जौनपुर