शाहगंज। बीबीगंज चौकी क्षेत्र के गोड़िला फाटक बाजार में श्री बजरंग नवयुवक रामलीला समिति द्वारा चल रही रामलीला सोमवार की रात रावण वध के साथ समाप्त हुआ। रावण वध होते ही हर ओर से जय श्रीराम की गूंज सुनाई देनी लगी। अंतिम दिन समारोह के मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि विजय सिंह विद्यार्थी, समाजसेवी रिंकू सिंह, व विनय सिंह रहे।
गोड़िला फाटक बाजार में चल रहे रामलीला में सोमवार की रात को लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध, मेघनाद वध, अहिरावण वध व रावण वध का मंचन किया गया। जिसमे मेघनाद की मौत के बाद रावण असहाय महसूस करता है और सोचता है सारे योद्धा एक-एक करके मारे गए। अब कौन है, जो इस समय मेरी सहायता करेगा। तब उसे अपने बेटे पाताल के राजा अहिरावण का ध्यान जाता है। रावण अपनी माया शक्ति से अहिरावण को बुलाता है और उसे युद्ध में जाने के लिए कहता है। अहिरावण अपने पिता को कहता है कि आपने एक पराई स्त्री के लिए कुंभकर्ण व मेघनाद जैसे महायोद्धा कुर्बान कर दिए और अब मेरे पास आए हो। लेकिन वह बेटा किस काम का जो मुसीबत के समय काम न आए। इसलिए मैं युद्ध में जरूर जाऊंगा और श्रीराम के हाथों मारे जाने से अच्छी बात मेरे लिए और क्या होगी। अहिरावण अपने मायावी शक्ति से राम-लक्ष्मण का अपहरण कर पाताल में बलि देने के लिए ले आता है। उसके बाद हनुमान वहां पहुंच जाते हैं और अहिरावण का वध करके राम-लक्ष्मण को छुड़ाकर ले आते हैं। अहिरावण वध की खबर सुन रावण अपने युद्ध की कमान संभालते हैं और राम व रावण में भयंकर युद्ध होता है। जब बहुत देर तक रावण हार नहीं मानता तो श्रीराम विभीषण से कहते हैं कि क्या कारण है कि रावण मर नहीं रहा। तब विभीषण राम को बताते हैं कि आप इसकी नाभि में तीर मारिए, तब इसकी मौत होगी। रावण के वध होते ही पंडाल में जय श्रीराम का नारा गूंज उठा।