जिले की सड़कों की बदहाली के खिलाफ सोमवार को कांग्रेसजनों ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
सीएम का पुतला फूंकने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के जवानों के बीच झड़प भी हुई। हंगामे को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कार्यालय से बाहर निकल गए।
खुद विधायक नदीम जावेद ने विभाग के कई कार्यालयों में ताला लगा दिया। परिसर में आयोतिज धरना सभा में पार्टी के नेताओं ने सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
पहले से निर्धारित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह नगर विधायक नदीम जावेद के सुक्खीपुर स्थित आवास पर पहुंचे। यहां से कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचे।
पहले से मौजूद पुलिस बल ने कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया। कार्यकर्ता जबरन गेट खोलवाकर पुलिस कर्मियों को धकेलते हुए कार्यालय में दाखिल हो गए।
यहां मुख्यमंत्री समेत विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक ने अधिकारियों के कार्यालय में ताला बंद कर दिया।
आंदोलित कार्यकर्ताओं के आगे पुलिस और विभाग के अधिकारी भी लाचार दिखे। सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए विधायक नदीम जावेद और उनके समर्थकों ने मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री का पुतला दहन किया।
पुतले को लेकर कार्यकर्ताओं ओर पुुलिस के बीच छीनाझपटी भी हुई। यहां सभा में वक्ताओं ने कहा कि सड़कों की मरम्मत के नाम पर अधिकारी अपनी जेब भरने में लगे हैं। उन्हें मंत्रियों की मौन स्वीकृति मिली है।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष इंद्रभुवन सिंह, डा. बीएल वर्मा, साजिद हमीद, सत्यवीर सिंह, अखिलेश, नीरज, अमित तिवारी, शिबली अहमद, जयमंगल यादव, जुल्फी खान समेत अन्य लोग मौजूद थे। संचालन विधायक प्रतिनिधि खुर्शीद अनवर खान ने किया।