घटना को अंजाम देने के बाद माफिया मुन्ना अपने साथियों के साथ भागने लगा। अपराधी वाराणसी मार्ग पर बाबतपुर रोडई की तरफ भाग रहे थे। इस दौरान वहां का बैरियर बंद किया जा रहा था। अपने आप को फंसता देख बदमाशों ने बैरियर पर भी गोलियां चलाई।
इसके बाद वे बैरियर की रस्सी काटकर भाग गए। मामले में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी, गजराज सिंह, आलम समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गजराज सिंह की मौत हो गई थी। वहीं साक्ष्य के अभाव में पुलिस ने मुन्ना बजरंगी को इस मामले से बरी कर दिया था।