मीरगंज स्टेशन पर रेल रोकने पंहुचे भारतीय किसान यूनियन के लोगों को रस्सी लगाकर स्टेशन पर जाने से ?
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मीरगंज। जंघई स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन के तहत ट्रेन रोकने स्टेशन जा रहे भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों को बृहस्पतिवार को प्रशासन ने रोक दिया। रस्सी लगाकर जाने से नाराज किसान नेताओं ने प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसान नेताओें ने तीनों कृषि कानून को वापस लेने की मांग की।
सरकार की तानाशाही के खिलाफ देशभर के किसान संगठनों का 18 फरवरी को रेल रोको आंदोलन तय था। इसी के तहत बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता स्टेशन पर जा रहे थे। लेकिन स्टेशन के बाहर प्रशासन ने रस्सी लगाकर किसानों को रोक दिया। रास्ते में रोक दिए जाने पर किसान वहीं बैठ गए। एक घंटे तक चली बैठक में सात सूत्री मांगपत्र एसडीएम मछलीशहर अंजनी सिंह व सीओ मछलीशहर विजय सिंह को सौंपा। उन्होंने मांग रखी कि बकाया बिजली बिल माफ किया जाए, यूूबीआई के बैंक मैनेजर के अभद्र व्यवहार करने, किसानों को दिए गए बैंक ऋण की जांच कराई जाए। इसके साथ ही जंघई फाटक से स्टेशन तक सड़क की मरम्मत कराई जाए। मुंगराबादशाहपुर के सेमरी में भूमि पर अतिक्रमण को हटवाया जाए। पेट्रोल और डीजल पर जीएसटी लागू करते हुए तत्काल बढ़ा हुआ पेट्रोल डीजल का मूल्य वापस किया जाए। किसान पंचायत में अमरनाथ, बाबू राम , खलील, धर्मराज, अजीत प्रताप, गंगा प्रसाद मेवालाल, वसीम, शैलेश वर्मा, जगदंबा प्रसाद, संजय, रामसुख, कमला देवी, शिव देवी, फुल कुमारी, सरोज आदि मौजूद रहे।