फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जौनपुर : टीडी कॉलेज में हिजाब पहनने पर शिक्षक ने छात्रा को कक्षा से बाहर निकाला

Thu, 10 Feb 2022 09:26 AM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर

सार

छात्रा कॉलेज प्रशासन से बिना शिकायत करे ही रोते हुए घर पहुंच गई। घर पहुंचकर उसने परिजनों को मामले की जानकारी दी। 
विज्ञापन
तिलकधारी सिंह डिग्री कालेज की छात्रा जरीना। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक में हिजाब को लेकर हो रहा विवाद जौनपुर में भी पहुंच गया। तिलकधारी सिंह डिग्री कालेज की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में हिजाब पहनकर जाने पर राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर ने उसे फटकार लगाते हुए कहा कि यह सब काम पागल करते हैं। आरोप है उन्होंने उसे बाहर निकाल दिया। 

विज्ञापन


आरोप लगाने वाली जरीना बीए फाइनल ईयर की छात्रा है। जरीना के मुताबिक, बुधवार की दोपहर दो बजे वह क्लास में हिजाब पहन कर गई। वह सीट पर बैठने जा रही थी, तभी क्लास ले रहे प्रोफेसर प्रशांत त्रिवेदी ने उसे रोक दिया। आरोप है कि उन्होंने उससे कहा कि बार-बार मना करने पर भी इस तरह की ड्रेस क्यों पहनकर आती हो?

प्रोफेसर बोले- बुर्के को उतार फेंकना चाहिए
इस पर छात्रा ने कहा कि वह सिर ढकने के लिए हिजाब पहनती है। आरोप है कि प्रोफेसर ने कहा कि यह सब काम पागल लोग करते हैं। बुर्के को उतार फेंकना चाहिए। इसके बाद छात्रा कॉलेज प्रशासन से बिना शिकायत करे ही रोते हुए घर पहुंच गई। घर पहुंचकर उसने परिजनों को मामले की जानकारी दी।

विज्ञापन

परिजन थाने में करेंगे शिकायत

इसके बाद यह मामला मीडिया की जानकारी में आया है। परिजनों का कहना है कि बृहस्पतिवार को मामले की शिकायत थाना और कॉलेज में करेंगे।  इस पूरे प्रकरण पर शिक्षक प्रशांत त्रिवेदी का कहना है कि कक्षा में राजनीति विषय पर चर्चा होते हुई हिजाब पर पहुंच गई।

ऐसे में वह छात्रा उठकर जोर से चिल्लाकर अपनी बात रखने लगी, मैंने उसे कहा कि शांत होकर बैठ जाओ। वह किस ड्रेस में आ रही है, इसको रोकने का काम उनका नहीं है, यह कालेज प्रबंधन व प्रिंसिपल का निर्णय है। इसको लेकर कक्षा की किसी भी छात्रा से पूछा जा सकता है।
विज्ञापन

प्राचार्य बोले- मुझे केवल कॉलेज की ड्रेस से मतलब

वहीं, कॉलेज के प्राचार्य डॉ आलोक सिंह का कहना है कि अभी इस बारे में उनको कुछ भी नहीं पता है और न ही किसी ने इस तरह की शिकायत की है। मैं शाम छह बजे तक कालेज में ही था। मुझे केवल कॉलेज की ड्रेस से मतलब है, ताकि यह साफ हो सके कि वह मेरे कॉलेज का है। इसके बाद कोई क्या पहनता यह उसकी धार्मिक स्वतंत्रता है, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। तथ्यों की जांच करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें