पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह भौतिकी अध्ययन संस्थान के आर्यभट्ट सभागार में बृहस्पतिवार को समुद्र विज्ञान में अनुसंधान के अवसर विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई। यह आयोजन भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग, आंतरिक गुणवत्ता एवं सुन्नचयन प्रकोष्ठ तथा अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान गोवा के निदेशक प्रो. सुनील कुमार सिंह ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था जीडीपी में समुद्र क्षेत्र का चार प्रतिशत योगदान है। 50 प्रतिशत ऑक्सीजन समुद्र से उत्पादित होता है। समुद्र वातावरण की तुलना में 50 गुना ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं। मौसम परिवर्तन में भी समुद्र का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि परिवहन के लिए समुद्र एक सरल और सस्ता माध्यम है। समुद्र विज्ञान में शोध की अपार संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में बायोलॉजी, केमिस्ट्री, ज्योग्राफी, फिजिक्स के विद्यार्थी भी अपना भविष्य देख सकते हैं। विषय प्रवर्तन विज्ञान संकाय की प्रो. वंदना राय ने किया। संयोजक डॉ. श्याम कन्हैया सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया। संचालन डॉ. मनोज मिश्र ने किया। स्वागत आइक्यूएसी सेल के समन्वयक प्रो. मानस पांडे ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के निदेशक प्रो. देवराज सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. राजेश शर्मा, डॉ. प्रमोद यादव, डॉ. गिरधर मिश्र, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. राजकुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. शशिकांत, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. शशिकांत यादव आदि मौजूद रहे।