यू-ट्यूब पर भी ले रहे क्लास
शिक्षक की नौकरी में आने से पहले दुर्गेश टीडी कॉलेज के गेट पर बच्चों की कोचिंग भी चलाते थे। वह यूट्यूब पर ई-लर्निंग विथ दुर्गेश नाम से चैनल भी चला रहे हैं, जिसके 1.31 लाख लोगों ने सबस्क्राइब किया है। उनकी ऑनलाइन क्लास से पढ़कर कई बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल भी हो चुके हैं।
शुरू से ही मेधावी रहे दुर्गेश ने खुद पढ़ाई के दौरान रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा पास की, लेकिन फिजिकल के लिए नहीं गए। वर्ष 2014 में एसएससी का प्री एग्जाम पास किया, मगर टाइपिंग टेस्ट में फेल हो गए। सेंट्रल पुलिस, एमपी पीसीएस की प्री सहित कई अन्य परीक्षाओं में सफल हुए, लेकिन किन्हीं कारणों से आगे के चरण पूरे नहीं कर पाए।
बेटे पर परिवार को नाज
अशोक जायसवाल और मां उर्मिला देवी को बेटे पर नाज है। छोटे भाई मनीष ने भी दुर्गेश के नक्शे कदम पर चलते हुए एलएलबी और बीटीसी की पढ़ाई पूरी कर ली है। बहन अंजली ने भी बीटीसी किया है। पिता अशोक का कहना है कि बीमारी के बाद परिवार की खराब आर्थिक स्थिति से टूट गया था। उम्मीद नहीं थी कि जीवन में कुछ अच्छा होगा।
दुर्गेश की मेहनत से ही सब कुछ संभव हो पाया। दुर्गेश का कहना है कि माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के सहयोग से भी सब संभव हुआ है। कोशिश करेंगे कि दूसरे बच्चों को अच्छी तालिम देकर उनके जीवन में भी खुशियों की रोशनी भर सकूं।