जौनपुर। नगर की अटाला मस्जिद के बाहरी फर्श पर ‘बयाद हजरत फारूके आजम तथा इस्लामी नए साल की आमद’ विषयक दीनी जलसा आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तेलावत से की गई। शहर अकरम जौनपुर, अंसार जौनपुर, अनवर तथा नन्हे निजामी ने नात तथा अशआर पेश किए।
नए साल की फजीलत पर मौलाना अजीमुर रहमान ने विस्तार से रोशनी डाली। मौलाना वसीम शेरवानी तथा मौलाना आसिफ आजमी ने सैय्यदना हजरत उमर बिन खत्ताब रजि. की जिंदगी के खास पहलुआें पर चर्चा करते हुए बताया कि क्यों उन्हें दुनिया फरुखे आजम कहती है। दुनिया जब इंसाफ की मिसाल है तो अदले फारुखी का जिक्र होता है। अंग्रेजी लेखकों ने भी उनके दौर को इस्लाम तथा दुनिया का बेहतरीन दौर कहा। महात्मा गांधी ने एक बार मौलाना मोहम्मद अली जौहर से बातचीत में कहा कि यदि बेईमान अंग्रेजों से जान छूटे तो हिंद में हजरत उमर जैसा इंसाफ कायम किया जाएगा। जलसा देर रात तक चलता रहा। मो. इमरान खां, मो. आमिर खां, राना मो. इमरान खां, आफताब आलम, मो. ताबिश, मो. मेराज ने आभार व्यक्त किया। अध्यक्षता इमरान बंटी, संचालन मौलाना सलमान बलियावी तथा सरपरस्ती कमरुद्दीन उर्फ नाटे ने किया।